तहसील दिवस पर गरीब महिला की फजीहत को समझकर पुलिस कप्तान ने किया दिल से मदद का काम

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र दुद्धी तहसील सभागार में हाल ही में आयोजित तहसील दिवस के दौरान एक गरीब महिला द्वारा अपनी पीड़ा लेकर पहुंचना और ठंड से ठिठुराती हुई उसके साथ हुए दयनीय हालात ने सभी मौजूद अधिकारियों का दिल पसीजने वाला नजारा पेश किया। लीलाषी खुर्द निवासी फूलपति पत्नी विश्वनाथ सिंह, जो घरेलू विवाद के चलते बिना गर्म कपड़े के बेहद ठिठुर रही थीं, जब तहसील में आईं तो उनके सामने की स्थिति ने अफसरों को इंसानियत का पाठ पढ़ा दिया।पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) दुद्धी, राजेश कुमार राय, जब इस महिला को ठंड में कंपकंपाते देखा तो उन्होंने तत्काल अपने समक्ष खड़े अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने अपने बटुए से नगद राशि निकाल कर कहा कि इस महिला के लिए एक वार्म स्वेटर और मोजा खरीद लाया जाए। इसके बाद महिला थाना प्रभारी सन्तु सरोज के साथ मिलकर सीओ राजेश ने महिला को गर्म कपड़े दिलवाकर पहनाए क्योंकि महिला की फरियाद सुनने से पहले ही उनकी प्राथमिकता उसकी गरमी और सम्मान था।इसके बाद महिला ने अपनी घरेलू समस्या तहसील अधिकारियों के सामने रखी, जहाँ सीओ साहब ने उसे आश्वासन दिया कि इस मामले में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। उनका यह मानवीय व्यवहार तहसील दिवस के समस्त अधिकारियों और अन्य फरियादियों के लिए प्रेरणा बना।इस सम्मान जनक कार्य के लिए तमाम विभागीय उच्च अधिकारियों ने सीओ राजेश कुमार राय की सराहना की और तहसील दिवस पर उपस्थित अन्य पीड़ितों व नागरिकों ने भी इस नेक कदम की भूरी-भूरी प्रशंसा की। यह घटना साबित करती है कि जब प्रशासन की संवेदनशीलता जनता के दर्द को समझती है तो छोटे-छोटे कदम भी बड़ी समस्याओं को हल करने की दिशा में प्रभावी साबित होते हैं।दुद्धी क्षेत्र में इस तरह के उदाहरण न केवल प्रशासन की छवि को मजबूती देते हैं, बल्कि आम जनता के मन में उनके प्रति भरोसा भी बढ़ाते हैं। सीओ राजेश कुमार राय की दरियादिली और तत्परता एक मिसाल है, जो आवश्यकता पड़ने पर इंसानियत को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।इस तहसील दिवस का यह क़िस्सा स्थानीय प्रशासन के मानवतावादी चरित्र को दर्शाता है, जो कड़ाके की ठंड में भी एक गरीब महिला के लिए स्वेटर मोजा दिलाकर उसके सम्मान व सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हैं। आने वाले समय में उम्मीद की जानी चाहिए कि इस तरह की भावनात्मक सोच और सेवा भावना से अन्य अधिकारी और भी प्रेरित होंगे और समाज के दुर्बल वर्ग के लिए कार्यों में तेजी लाएंगे।

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