विकास की सड़क या मुसीबत का सफर? विंढमगंज–कोन मार्ग पर उड़ रही लापरवाही

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तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

धूल का कहर, उछलती गिट्टी और अधूरा निर्माण—22 किमी सड़क बनी खतरे की पहचान

दुद्धी सोनभद्र।जनपद सोनभद्र के विंढमगंज से कोन तक बन रही लगभग 22 किलोमीटर लंबी सड़क इन दिनों विकास के बजाय अव्यवस्था और लापरवाही का प्रतीक बनती जा रही है। करोड़ों की लागत से तैयार हो रही इस सड़क पर गुणवत्ता मानकों की खुली अनदेखी के आरोप लग रहे हैं, जिससे आम जनता का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
निर्माण कार्य के दौरान पूरे मार्ग पर धूल का घना गुबार छाया रहता है। हालात ऐसे हैं कि सड़क से गुजरना लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं। धूल के कारण राहगीरों, दुकानदारों और आसपास के ग्रामीणों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। सबसे हैरानी की बात यह है कि धूल नियंत्रण के लिए आवश्यक पानी का नियमित छिड़काव नहीं किया जा रहा, जिससे समस्या और विकराल हो गई है।
सड़क पर डाली जा रही गिट्टी को मानकों के अनुरूप दबाया नहीं जा रहा है। नतीजा यह है कि वाहनों के गुजरते ही गिट्टी तेज रफ्तार से उछलती है, जो राहगीरों और वाहनों के लिए खतरा बन चुकी है। कई स्थानों पर सड़क ऊबड़-खाबड़ और असमान है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती जा रही है। ग्राम विंढमगंज निवासी संजय कुमार यादव, विजय पासवान और शैलेश पासवान ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ठेकेदार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि काम जल्दबाजी और लापरवाही के साथ किया जा रहा है, जबकि संबंधित विभाग आंख मूंदे बैठा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिम्मेदार ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल, यह सड़क लोगों के लिए राहत से ज्यादा आफत का कारण बनी हुई है। अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह कब इस लापरवाही पर लगाम लगाकर क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और सुगम मार्ग उपलब्ध कराता है।

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