तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
ओबरा (सोनभद्र)। पूरे नगर में इन दिनों नीले रंग की छटा और “जय भीम” के गगनभेदी नारों की गूंज सुनाई दे रही है। अवसर है भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती का, जिसे लेकर ओबरा में इस बार कुछ खास और भव्य करने की तैयारी ने माहौल को पूरी तरह उत्सव में बदल दिया है। हर गली-मोहल्ले में सजावट, बैनर और जोश—मानो पूरा नगर बाबा साहब के विचारों में रंग गया हो।
14 अप्रैल: जब सड़कों पर उतरा ‘जय भीम’ का सैलाब
जयंती के मुख्य दिन 14 अप्रैल को ओबरा की सड़कों पर ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला। रविदास नगर (वार्ड नं. 1, बिल्ली पोखरा) से शुरू हुई विशाल शोभा यात्रा ने जैसे-जैसे नगर के प्रमुख मार्गों को पार किया, वैसे-वैसे भीड़ का कारवां बढ़ता चला गया।
मोतीचंद चौराहा, अनुप मेडिकल और गजराज नगर से गुजरती हुई यह यात्रा जब बुद्ध बिहार पहुंची, तब तक यह एक जनसैलाब का रूप ले चुकी थी।
हजारों की भीड़, हाथों में नीले झंडे, और “जय भीम” के गूंजते नारे—पूरा माहौल सामाजिक एकता, जागरूकता और सम्मान का प्रतीक बन गया। आयोजकों के मुताबिक, इस ऐतिहासिक यात्रा में 5 हजार से अधिक लोग शामिल हुए।
20 अप्रैल: जब मंच पर उतरेगा ज्ञान और मनोरंजन का संगम
जयंती समारोह का दूसरा और सबसे दिलचस्प चरण 20 अप्रैल को गजराज नगर (मनिष सूद पेट्रोल पंप के सामने, वार्ड नं. 3) में आयोजित होगा, जहां दिन से लेकर रात तक कार्यक्रमों की झड़ी लगेगी।
वैचारिक संगोष्ठी:
बाबा साहब के जीवन, संघर्ष और आधुनिक भारत में उनके योगदान पर विद्वानों की गूंजती आवाजें लोगों को नई दिशा देंगी।
सांस्कृतिक धमाका – बिरहा मुकाबला:
शाम ढलते ही मंच पर बिरहा का जादू चलेगा। मशहूर गायिका रविना रवि रंजन अपनी दमदार आवाज से समां बांधेंगी, वहीं उनके साथ शिवचरण दीवान भी रंग जमाएंगे। यह मुकाबला दर्शकों के लिए यादगार बनने वाला है।
आयोजन में जुटी टीम, दिन-रात बहा रही पसीना
इस पूरे महोत्सव को सफल बनाने के लिए ओबरा की एक मजबूत टीम पर्दे के पीछे दिन-रात मेहनत कर रही है। आयोजन समिति में जितेन्द्र कुमार भारती, चन्द्रकान्त राव, तेरस भारती, राजेश कुमार, मुकेश भारती समेत कई समर्पित लोग जुटे हैं।
वहीं व्यवस्था संभालने में ज्ञान सिंह उर्फ बुल्लू पटेल, विकास भारती, मुकुन्द राव और अन्य सहयोगी भी पूरी ताकत लगा रहे हैं। मंच संचालन की कमान मशहूर उद्घोषक शिवचरण दिवाना के हाथों में रहेगी, जो अपने अंदाज से कार्यक्रम में जान डाल देंगे।
नगरवासियों से खास अपील
आयोजन समिति ने ओबरा के सभी नागरिकों, युवाओं और प्रबुद्धजनों से अपील की है कि वे अपने परिवार के साथ इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनें और बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित करें।
कुल मिलाकर, ओबरा में इस बार अंबेडकर जयंती सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक रंग और जनएकता का विराट उत्सव बन चुकी है—जहां हर दिल से बस एक ही आवाज उठ रही है जय भीम!





