सोनभद्र: विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत जिलाधिकारी ने की अचानक जांच

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने मंगलवार को विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण, 2026 अभियान के तहत नगर पालिका परिषद सोनभद्र के विभिन्न बूथों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने गणना प्रपत्रों के वितरण, भरे गए प्रपत्रों की स्थिति और मतदाता सूची अद्यतन की प्रगति का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मतदाता तक गणना प्रपत्र समय से पहुंचाया जाए और मतदाताओं से हस्ताक्षरित प्रतियां तत्काल बीएलओ को उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता अपने गणना प्रपत्र को खुद भरकर शीघ्रता से बीएलओ के सुपुर्द करें, ताकि मतदाता सूची अद्यतन का कार्य समय से पूरा हो सके।जिलाधिकारी ने बताया कि मतदाता अपने या अपने परिजनों का नाम पिछली मतदाता सूची में जांचने के लिए voters.eci.gov.in पोर्टल पर जाकर “Search Your Name in Last SIR” विकल्प का उपयोग कर सकते हैं। मतदाता “Search by Elector Details VSC” टैब के माध्यम से अपनी संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।उन्होंने जनपद के सभी मतदाताओं से अपील की कि वे विशेष पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग दें और बीएलओ का सहयोग कर अपने विवरण सुनिश्चित करें। साथ ही सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि गांवों, नगरों और सभी मोहल्लों में कोई भी मतदाता गणना पत्र से वंचित न रहे।इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

अज्ञात वाहन की चपेट में आया युवक, गंभीर रूप से घायल

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

दुद्धी सोनभद्र। स्थानीय बाजार से घर लौट रहे खोखा निवासी एक युवक को मंगलवार शाम अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार खोखा गांव निवासी आत्मा कुमार (21) पुत्र बंशीलाल मंगलवार शाम लगभग चार बजे दुद्धी बाजार से अपनी मां और छोटे भाई से मिलने के बाद घर लौट रहे थे। बताया गया कि जब वह टीसीडी मैदान के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पार कर दूसरी ओर वाहन पकड़ने जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही घायल की मां मौके पर पहुंचीं और अपने पुत्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है। मां के अनुसार जब वह मौके पर पहुंचीं तो बेटा सड़क किनारे तड़प रहा था और उसके सिर से लगातार खून बह रहा था।

खजूरी गांव में गड्ढों में तब्दील सड़क को लेकर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

दुद्धी सोनभद्र। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम खजूरी में अमवार रोड पर बने कम्पोजिट विद्यालय से होते हुए जाबर गांव के राष्ट्रीय राज्य मार्ग एनएच-39 को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह से जर्जर होकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई।

ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क वर्षो पहले बनाई गई थी, लेकिन उसके बाद से इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। अब सड़क जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह सड़क धीरे-धीरे खस्ताहाल होती चली गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
जब ग्रामीणों ने सड़क के रखरखाव को लेकर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से बात की, तो उन्होंने बताया कि यह मार्ग पीडब्ल्यूडी के अधीन नहीं आता, बल्कि इसका निर्माण डूडा विभाग द्वारा कराया गया था।

वहीं, सड़क की दुर्दशा पर उपजिलाधिकारी दुद्धी निखिल यादव ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और संबंधित विभाग से वार्ता कर शीघ्र सड़क निर्माण की व्यवस्था की जाएगी।
विरोध प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों में रामवृक्ष गुप्ता, अनुज श्रीवास्तव, आफताब आलम, तिजोर आलम, रजाउल्लाह, मेराज आलम, राजेश गुप्ता, जियाउल्लाह, संतोष भारती, अजय श्रीवास्तव, सुधई राम, सुचित श्रीवास्तव, नरेन्द्र गुप्ता एडवोकेट सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

बरवे गांव में जहरीले जन्तु के काटने से 12 वर्षीय बालक की मौत

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। बभनी थाना क्षेत्र के बरवे गांव में रविवार की शाम एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया। घर के पास की दुकान से लौट रहे 12 वर्षीय बच्चे को अचानक किसी जहरीले जन्तु ने काट लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से गांव में मातम पसरा है और परिजन बेसुध हैं।जानकारी के मुताबिक मृतक छोटेलाल (12 वर्ष) पुत्र धनपत, रोज की तरह शाम को गांव की एक छोटी दुकान से कुछ सामान लेकर घर लौट रहा था। रास्ते में अचानक किसी जहरीले जन्तु ने उसे काट लिया। घर पहुंचने पर उसने तुरंत परिजनों को इसकी जानकारी दी, लेकिन किसी ने अंदेशा नहीं लगाया था कि यह हमला उसकी जान ले लेगा।परिजनों के अनुसार छोटेलाल ने बताया कि पैर में तेज जलन और चक्कर जैसा महसूस हो रहा है। कुछ ही देर में उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। घरवालों ने घबराकर उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चा अस्पताल लाने से पहले ही दम तोड़ चुका था।मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। मां किसमतिया का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पिता धनपत बार-बार यही कह रहे हैं कि “दिन भर वह बिल्कुल ठीक था, सिर्फ दुकान से लौटते वक्त ही उसने जन्तु के काटने की बात कही… काश थोड़ी जल्दी इलाज मिल जाता।” छोटेलाल अपने पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर पर था, और परिवार की उम्मीदों का सहारा माना जाता था।अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे उप निरीक्षक मक्खन लाल ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी भेज दिया। उन्होंने बताया कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पुलिस मामले की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है।गांव में इस घटना को लेकर दहशत का माहौल है। लोग यह चर्चा कर रहे हैं कि आखिर बच्चा किस जहरीले जन्तु का शिकार बना—सांप, बिच्छू या कोई अन्य जहरीला कीड़ा? वहीं ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे मामलों में जागरूकता और त्वरित प्राथमिक उपचार की कमी को भी लोग बड़ी चूक मान रहे हैं।मासूम छोटेलाल की अचानक हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। परिवार, रिश्तेदार और ग्रामीण गम में डूबे हुए हैं। हर किसी के दिल में बस एक ही सवाल—आखिर कब तक ग्रामीणों को ऐसी घटनाओं का शिकार होना पड़ेगा?

शादी-विवाह सीजन को लेकर पुलिस की बैठक: सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिए सख्त निर्देश

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। आगामी शादी-विवाह सीजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने सोमवार, 24 नवंबर 2025 को कोतवाली राबर्ट्सगंज के मीटिंग हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। यह बैठक पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुई।बैठक में नगर क्षेत्र के होटल मालिकों, प्रबंधकों तथा विवाह/मैरेज लॉन संचालकों ने भाग लिया। इस बैठक का प्रमुख उद्देश्य उत्सवों और विवाह समारोहों के दौरान होने वाली चोरी, संदिग्ध गतिविधियों तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ी संभावित घटनाओं की रोकथाम था।क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर कुमार मिश्रा ने सभी होटल व लॉन संचालकों को संबोधित करते हुए कहा कि विवाह समारोहों में चोरी की घटनाएं अक्सर भीड़ का लाभ उठाकर की जाती हैं। ऐसे में आयोजक संस्थानों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी होगी ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।उन्होंने विशेष रूप से मोबाइल, गहने, पर्स चोरी जैसी घटनाओं के प्रति सतर्कता बरतने और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान पर नजर रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी होटल, मैरेज हाल, लॉन और पार्किंग स्थलों पर हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाने को अनिवार्य बताया गया। निर्देशानुसार सभी कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखी जानी होगी।क्षेत्राधिकारी ने यह भी कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत ‘112’ या स्थानीय पुलिस थाने में दी जाए। साथ ही, पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, और वहां एंट्री रजिस्टर या पास सिस्टम लागू करने के भी निर्देश दिए गए।बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि विवाह समारोहों, रिसेप्शन या किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में हर्ष फायरिंग (जश्न में फायरिंग) करना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के अनुरूप रात्रि 10 बजे के बाद डीजे या तेज आवाज में संगीत बजाने पर भी रोक रहेगी।भीड़-भाड़ वाले कार्यक्रम स्थलों पर स्टाफ की पर्याप्त तैनाती, सतर्क निगरानी और पुलिस के साथ सीधा समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कहा कि विवाह समारोहों में भीड़ का फायदा उठाकर चोरी की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए होटल और लॉन संचालक सुरक्षा के पर्याप्त उपाय कर आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में पुलिस का सहयोग करें।उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि विवाह सीजन के दौरान संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त, सतत चेकिंग और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करें ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

शाहगंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सहुआर पुलिया से युवक नाजायज चाकू के साथ गिरफ्तार

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जनपद में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना शाहगंज पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन और क्षेत्राधिकारी घोरावल के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए थाना शाहगंज पुलिस ने एक व्यक्ति को नाजायज चाकू के साथ गिरफ्तार किया है।आज 24 नवंबर 2025 को थाना शाहगंज पुलिस को मुखबिर खास से सूचना मिली कि सोनू खाँन पुत्र खुर्शीद अहमद, निवासी कस्बा शाहगंज, थाना शाहगंज, जनपद सोनभद्र, सहुआर पुलिया के पास बड़ा चाकू लेकर बैठा है और पूर्व विवाद के चलते लल्लू नामक व्यक्ति की हत्या करने की नीयत से वहां मौजूद है।सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बताए गए स्थान सहुआर पुलिया, राजपुर रोड पर घेराबंदी करते हुए संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पैंट की कमर से एक लोहे का नाजायज चाकू बरामद हुआ। पुलिस की पूछताछ में आरोपी चाकू का वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका और अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगता रहा।गिरफ्तारी के संबंध में थाना शाहगंज पर मुकदमा संख्या 135/2025 धारा 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की गई है सोनू खाँन पुत्र खुर्शीद अहमद निवासी कस्बा शाहगंज, थाना शाहगंज, जनपद सोनभद्र, उम्र लगभग 21 वर्ष।एक नाजायज लोहे का चाकू।कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम:उपनिरीक्षक अजय कुमार श्रीवास्तव, चौकी प्रभारी कस्बा शाहगंज, थाना शाहगंज, जनपद सोनभद्र।हे.का. दिनेश यादव, थाना शाहगंज, जनपद सोनभद्र।

वाराणसी बिग कोर्ट अपडेट बच्चा चोर गैंग को कोर्ट का बड़ा झटका — फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 7 तस्करों को सुनाई उम्रकैद, 15-15 हजार जुर्माना

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज –

वाराणसी। जिला एवं सत्र न्यायालय की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बच्चा चोरी और ह्यूमन ट्रैफिकिंग में शामिल गिरोह के सात सदस्यों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के आधार पर आए इस फैसले में प्रत्येक दोषी पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

इसी मामले में आठ आरोपियों को सबूतों के अभाव में संदेह का लाभ मिला और उन्हें किसी भी आरोप में दोषी नहीं पाया गया। कुल 16 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी।

कौन-कौन दोषी घोषित हुए?

एफटीसी के जज कुलदीप सिंह ने संतोष गुप्ता, मनीष जैन, महेश राणा, मुकेश पंडित, महेश राणा (पुत्र रामलाल), सीखा और सुनीता देवी को उम्रकैद की सजा सुनाई। फैसला सुनते ही सभी दोषी अदालत में भावुक दिखाई दिए।

अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता मुनीब सिंह चौहान और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज गुप्ता ने जिरह कर आरोप साबित किए।

कैसे हुआ था बच्चा किडनैप?

14 मई की रात भेलूपुर के रवींद्रपुरी स्थित रामचंद्र शुक्ल चौराहे पर चार वर्षीय बच्चा अपने माता-पिता के साथ सो रहा था। तभी कार सवार तस्करों ने उसे उठा लिया।
दो दिन तक माता-पिता बच्चे की तलाश में भटके। इसी दौरान दरोगा शिवम श्रीवास्तव को सूचना मिली और उन्होंने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर पूरी साजिश का खुलासा किया।

फुटेज से पता चला कि कार को किराए पर लिया गया था। जांच में मंडुआडीह निवासी ड्राइवर संतोष गुप्ता और उसका साथी विनय मिश्रा पकड़े गए। विनय ने बच्चे को माता-पिता के बीच से उठाया था। पुलिस ने उस कार को भी सीज कर दिया, जिसका उपयोग बच्चे के अपहरण में किया गया था।

झारखंड–राजस्थान मॉड्यूल का पर्दाफाश

जांच में पता चला कि गिरोह बच्चों को झारखंड, राजस्थान और बिहार में दो से पांच लाख रुपये में निसंतान दंपतियों या जरूरतमंद लोगों को बेचता था।

• झारखंड के हजारीबाग से यशोदा देवी एक बच्चे के साथ गिरफ्तार हुई — यह बच्चा विंध्याचल से अगवा किया गया था।
• भीलवाड़ा (राजस्थान) से भंवर लाल पकड़ा गया — उससे सात बच्चों के अपहरण की जानकारी मिली।

पुलिस ने तीन बच्चों को सकुशल बरामद कर उनके परिवारों को सौंपा।

राम मंदिर आंदोलन में शहीद हुए पहले कारसेवक 16 साल के राम चंद्र यादव: कारसेवकों को बचाने गए थे, पुलिस ने सिर में गोली मार दी

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज –

राम नगरी अयोध्या धाम में उत्सवों और अनुष्ठानों के साथ-साथ, देश उन अनगिनत गुमनाम रामभक्तों को भी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है जिन्होंने पाँच शताब्दियों से चले आ रहे संघर्ष में श्री राम की पूज्य जन्मभूमि को पुनः प्राप्त करने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।

30 अक्टूबर 1990 से 8 दिन पहले हुआ था। ज़ाहिर है, 22 अक्टूबर 1990 को अयोध्या के पास बस्ती ज़िले के एक गाँव में कारसेवकों की मौजूदगी की सूचना पर दबिश देने गई पुलिस ने गोलीबारी कर दी थी। इस अंधाधुंध गोलीबारी में गाँव के तीन रामभक्तों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
22 अक्टूबर 1990 को हुए इस नरसंहार में रामचंद्र यादव पहले शहीद हुए। दुबौलिया थाने के प्रभारी को सांडपुर गाँव में कारसेवकों की मौजूदगी की सूचना मिली। उनके मुखबिर ने पुलिस को बताया था कि गाँव में जमा कारसेवक अयोध्या की ओर कूच करने की योजना बना रहे हैं। पुलिस ने गाँव को घेर लिया। रामलला की भक्ति से ओतप्रोत माहौल में, सांडपुर गाँव और आसपास के इलाकों के लोग रामभक्तों को निशाना बनाकर की गई पुलिस कार्रवाई के विरोध में इकट्ठा हुए। विरोध प्रदर्शन के दौरान, पुलिस ने उच्चाधिकारियों से आदेश लेकर ग्रामीणों पर गोलियाँ चला दीं।

सिर में गोली लगी थी

राम चंद्र यादव भगवान राम और महादेव शिव के अनन्य भक्त थे। राम भक्तों पर पुलिस की ज्यादतियों के खिलाफ ग्रामीण एक खेत के पास इकट्ठा हुए थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें घेर लिया और बिना किसी चेतावनी के ग्रामीणों पर गोलियां चला दीं। इस अंधाधुंध गोलीबारी में राम चंद्र यादव को गोली लगी और वह खेतों में गिर पड़े। उन्हें कोई इलाज नहीं मिला। सिर में गोली लगने के कारण राम चंद्र ज़्यादा देर तक जीवित नहीं रह सके और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।

*शेष भाइयों को पकड़ने के लिए छापेमारी की गई*

गोलीबारी के दौरान अफरा-तफरी मची हुई थी, और पता ही नहीं चल रहा था कि कौन कहाँ गया। पुलिस के जाने के बाद लोग अपने रिश्तेदारों और परिवार के लोगों को ढूँढने लगे। राम चंदर घर नहीं लौटा। परिवार वालों को पता चला कि गोलीबारी में राम चंदर को गोली लग गई है। थोड़ी कोशिश के बाद पता चला कि राम चंदर का शव बस्ती ज़िला अस्पताल में रखा है। परिवार वाले शव लेने के लिए निकलने ही वाले थे कि पुलिस टीम ने फिर से गाँव में दबिश दे दी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दिवंगत रामचंदर के बाकी भाइयों को भी पकड़ने की कोशिश की। पुलिस की ज्यादती के डर से पीड़ित के बाकी भाई भी घर छोड़कर भाग गए। नतीजतन, घर में सिर्फ़ रामचंदर के बूढ़े पिता और माँ ही बचे। उस समय पुलिस का इतना ख़ौफ़ था कि उनके यादव बहुल गाँव के बाकी नौजवान भी घर छोड़कर कहीं छिप गए थे।

शव को गांव में नहीं आने दिया गया

22 अक्टूबर 1990 का दिन उनके परिवार के लिए सबसे मुश्किल समय था। उन्होंने आगे बताया कि जब पुलिस की दबिश के डर से गाँव के बाकी भाई और शुभचिंतक भाग गए, तो उनके बूढ़े माता-पिता को किसी तरह लगभग 50 किलोमीटर दूर बस्ती जाना पड़ा। उस समय कड़ी पुलिस सुरक्षा के कारण गाड़ियाँ भी नहीं चल रही थीं। रामनाथ को भी नहीं पता कि उनके पिता राम नारायण यादव अपनी पत्नी के साथ अपने भाई के शव तक कैसे पहुँचे।
राम नारायण यादव जब अपनी पत्नी के साथ बस्ती अस्पताल पहुँचे, तो उन्हें बताया गया कि उनके बेटे का शव पोस्टमॉर्टम हाउस में पड़ा है। वहाँ पहुँचकर उन्होंने देखा कि भारी पुलिस बल तैनात है। उनकी पत्नी बेटे का शव देखकर रोने लगीं, तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
राम नारायण को साफ़ आदेश मिले कि वे किसी भी हालत में अपने बेटे का शव गाँव नहीं ले जा सकते। मृतक के पिता ने हिंदू रीति-रिवाज़ों से दाह संस्कार करने की गुहार लगाई, लेकिन तत्कालीन अधिकारी टस से मस नहीं हुए।
अंततः राम चंदर यादव का अंतिम संस्कार बस्ती जिला अस्पताल से थोड़ी ही दूरी पर शहर में नदी किनारे स्थित श्मशान घाट पर हुआ। इस दौरान वृद्ध माता-पिता के अलावा भारी पुलिस बल तैनात रहा। राम चंदर का परिवार रात में ही खाली हाथ अपने गाँव लौट गया। पुलिस के डर से बाकी बेटों के फरार होने के कारण राम चंदर के अन्य मरणोपरांत संस्कारों में भी काफी देर हो गई।

एक भी तस्वीर नहीं रख सका

परिवार के अन्य सदस्य भी सनातन धर्म में गहरी आस्था रखते हैं। रामनाथ यादव ने बताया कि वे अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण से बेहद खुश हैं। दुर्भाग्यवश, रामनाथ के अनुसार, वे अपने भाई की एक भी तस्वीर नहीं बचा पाए। 1990 में कैमरों और अन्य सुविधाओं का सीमित उपयोग होता था और आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे तस्वीरें नहीं ले पाते थे,और अंततः पुलिस कार्रवाई के कारण पूरे परिवार को पलायन करना पड़ा।

गुरमुरा में लिव-इन में रह रहे युवक की संदिग्ध मौत, युवती की हालत गंभीर

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – विष्णु गुप्ता

चोपन थाना क्षेत्र के गुरमुरा में सोमवार भोर एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक का शव घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिला, जबकि उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही युवती ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। उसकी स्थिति गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

जानकारी के अनुसार, गुरमुरा निवासी रामचंद्र गोंड के घर में सुबह लगभग चार बजे सुनील कुमार (पुत्र बीर शाह, निवासी रजखड़, दुद्धी) का शव फांसी पर लटका मिला। सुनील पिछले एक वर्ष से रामचंद्र गोंड की पुत्री सुनीता कुमारी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था।

परिजनों ने बताया कि सोमवार सुबह करीब छह बजे सुनीता की अचानक तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उसे 108 एम्बुलेंस से चोपन अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जांच के दौरान युवती द्वारा जहर सेवन की पुष्टि हुई।

परिजनों का कहना है कि रविवार शाम करीब छह बजे सुनील और सुनीता दुद्धी से घर लौटे थे। रात में क्या हुआ, यह स्पष्ट नहीं हो सका। भोर में जब घरवालों को घटना की जानकारी हुई, तब तक सुनीता ने सुनील का शव फंदे से उतार दिया था।

सूचना मिलते ही युवक के परिजन भी मौके पर पहुँच गए। वे शव को दुद्धी ले जाने लगे, लेकिन पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच जारी है।

बघाडू लंगड़ी मोड़ पर बाइक फिसलने से महिला घायल, सीएचसी दुद्धी में इलाज जारी

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

दुद्धी सोनभद्र। स्थानीय थाना क्षेत्र के अंतर्गत रविवार की शाम बघाडू लंगड़ी मोड़ के पास हुई सड़क दुर्घटना में एक महिला घायल हो गई।
जानकारी के अनुसार सुगवामान गांव निवासी उपेंद्र अपनी पत्नी रजवंती देवी (34) के साथ बाइक से हीराचक स्थित रिश्तेदारी जा रहे थे।
बताया जाता है कि जैसे ही दंपति लंगड़ी मोड़ के समीप पहुंचे, तभी अचानक सड़क पर एक कुत्ता आ गया। उसे बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई, जिससे पीछे बैठी रजवंती देवी सड़क पर गिरकर घायल हो गईं।
स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला को एम्बुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

खलिहान में पुआल उठाते समय करैत सर्प ने काटा, पांचवीं कक्षा के छात्र की मौत

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

दुद्धी सोनभद्र।बभनी थाना क्षेत्र के बरवे गांव में रविवार की शाम करैत सर्प के डंसने से एक बालक की मौत हो गई। 11 वर्षीय छोटेलाल पुत्र धनपत अपने घर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित खलिहान में पुआल उठाकर अपने पशु को खिलाने जा रहा था कि अचानक पुआल में छिपे करैत सर्प ने उसके सिर में काट लिया।
सर्पदंश के बाद बालक तत्काल घर आया और अपनी मां को घटना की जानकारी दी। परिजनों ने एंबुलेंस को कॉल किया, लेकिन देर होती देख वे आनन-फानन में निजी साधन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद बालक को मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी अस्पताल प्रशासन ने मेमो के जरिए बभनी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया।
सोमवार को दुद्धी पोस्टमार्टम हाउस मौजूद मृतक के पिता धनपत ने बताया कि सात भाई-बहनों में छोटेलाल चौथे नंबर पर था और प्राथमिक विद्यालय बरवै में कक्षा 5 में पढ़ता था। बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

दुद्धी पुलिस की ‘सबसे बड़ी खेप’ पर पकड़, बिहार भेजी जा रही 6085 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब, एक तस्कर गिरफ्तार

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

दुद्धी सोनभद्र ।यातायात माह एवं अवैध शराब तस्करी विरोधी अभियान के तहत सोमवार को दुद्धी थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रक में छिपाकर बिहार भेजी जा रही 6085.44 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है। करोड़ों की इस खेप के साथ पुलिस ने एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि ट्रक मालिक फरार चल रहा है।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी तथा क्षेत्राधिकारी दुद्धी राजेश कुमार राय के निकट पर्यवेक्षण में दुद्धी पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। 23 नवम्बर को बिहार मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, पटना से इनपुट मिलने के बाद रेणुकूट–दुद्धी मार्ग पर ग्राम कादल के पास सघन चेकिंग के दौरान ट्रक संख्या RJ 09 GE 6492 को रोका गया।
तलाशी में ट्रक की पिछली ओर धान की भूसी और लकड़ी के बुरादे के नीचे छिपाकर रखी गई 680 पेटियों में भरी 15,120 बोतलें, कुल 6085.44 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब (मैकडावल नं.1 व इम्पीरियल ब्लू व्हिस्की ब्रांड) बरामद हुई। पुलिस के अनुसार बरामद शराब व अशोक लेलैंड ट्रक की संयुक्त अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 35 लाख रुपये आँकी गई है।
मौके से गिरफ्तार आरोपी ट्रक चालक बभूता राम पुत्र तिलोका राम, निवासी उत्तरी डेर रेडाना, थाना रामसर, जिला बाड़मेर (राजस्थान), उम्र लगभग 22 वर्ष ने पूछताछ में बताया कि ट्रक स्वामी संजय सिंह देवड़ा निवासी रतलाम/चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) के निर्देश पर यह खेप पंजाब से लोड की गई थी। तस्करों ने शराब की पेटियों को छिपाने के लिए ऊपर से धान की भूसी और लकड़ी का बुरादा लाद रखा था तथा कागजों में माल को चावल की बिल्टी के रूप में दर्शाया गया था, ताकि किसी भी जांच में इसे सामान्य मालवाहक ट्रक दिखाया जा सके।
अभियुक्त के अनुसार, यह शराब बिहार में डिलीवर की जानी थी और अंतिम डिलीवरी प्वाइंट की जानकारी उसे फोन पर दी जानी थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि अवैध तस्करी के दौरान शराब की असली बारकोड हटाकर दूसरे बारकोड चस्पा किए जाते हैं, बरामद बोतलों पर भी परिवर्तित बारकोड मिले हैं। अभियुक्त ने स्वीकार किया कि इससे पहले भी वह इसी ट्रक मालिक के लिए शराब की कई खेप बिहार तक पहुंचा चुका है, जहाँ शराबबंदी के कारण दाम अधिक मिलने से तस्करों को मोटी कमाई होती है।
पुलिस ने ट्रक से 680 पेटी (15,120 बोतल) अवैध अंग्रेजी शराब के साथ अशोक लीलैंड ट्रक RJ 09 GE 6492 (अनुमानित कीमत 35 लाख रुपये), एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 10,200 रुपये नकद तथा चार कूटरचित प्रपत्र बरामद किए हैं। फरार ट्रक स्वामी संजय सिंह देवड़ा पुत्र चन्द्र सिंह देवड़ा, निवासी एच.एन.-132, वार्ड नं.9, तेजाजी मंडी उसरागर, रतलाम (मध्यप्रदेश), सी/ओ सेक्टर नं.1, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
घटना के संबंध में थाना दुद्धी पर मु0अ0सं0 293/2025 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) BNS तथा 60/63/72 आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कर आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है। गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में उ0नि0 हरिकेश राम आजाद (प्रभारी चौकी कस्बा दुद्धी), उ0नि0 जयशंकर राय (प्रभारी चौकी अमवार), उ0नि0 श्यामजी सिंह यादव, हे0का0 सर्वेश कुमार सिंह, हे0का0 मो0 खालिद खान, हे0का0 लक्ष्मण शंकर यादव तथा का0 आनंद कुमार यादव शामिल रहे।

तीस हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद; पीड़िता को मिलेगा 20 हजार रुपये मुआवजा

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। सात वर्ष पूर्व नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सोमवार को अहम फैसला सुनाया। न्यायालय ने दोषी पाए गए विशाल सोनकर निवासी पुसौली, थाना रॉबर्ट्सगंज को तीन वर्ष का साधारण कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने की स्थिति में दोषी को दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि में से 20 हजार रुपये पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाएं।मामला सात वर्ष पुराना मामले के अनुसार, रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र निवासी पीड़िता की मां ने 24 सितंबर 2018 को पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि 11 सितंबर 2018 को शाम लगभग साढ़े चार बजे आरोपी विशाल सोनकर अपने तीन-चार साथियों के साथ आया और उसकी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी का जबरन अपहरण कर ले गया। परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। अगले दिन शाम साढ़े सात बजे आरोपी युवती को चौकी के पास छोड़कर फरार हो गए।धमकी और दोबारा लापता होने की घटनापीड़िता को घर लाने के बाद उसने बताया कि आरोपी ने उसका वीडियो क्लिप बना लिया और धमकी दी कि यदि उसने शोर मचाया या शिकायत की तो वीडियो वायरल कर देंगे। लेकिन 20 सितंबर की शाम पीड़िता फिर से गायब हो गई। परिवार ने दोबारा रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में सूचना दी, लेकिन पुलिस ने खोजबीन की जिम्मेदारी परिजनों पर छोड़ दी। लगातार तलाश के बावजूद लड़की का कोई सुराग नहीं मिला। जब परिजन आरोपी विशाल के घर पहुंचे तो उसके भाई ने कहा कि ‘वह लड़की को भगा ले गया है’ और धमकी दी कि शिकायत करने पर हरिजन एक्ट में फंसा देंगे।विवेचना और अदालत का निर्णयपरिवार की शिकायत पर आखिरकार रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने 27 सितंबर 2018 को एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद विवेचक ने आरोपी विशाल सोनकर के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें, सात गवाहों के बयान और समस्त पत्रावली का अध्ययन करने के बाद अदालत ने आरोपी को अपहरण का दोषी ठहराकर सजा सुनाई।अभियोजन पक्ष की सक्रिय भूमिकाअभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी तरीके से पक्ष रखा। अदालत ने माना कि अभियोजन के साक्ष्य आरोपी की संलिप्तता साबित करने के लिए पर्याप्त हैं।अदालत के इस फैसले के साथ ही यह मामला सात वर्ष बाद अपने निष्कर्ष पर पहुंचा, जिससे पीड़िता व उसके परिवार को न्याय मिला है।

दुद्धी पुलिस की बड़ी कामयाबी: 1 करोड़ 35 लाख की अवैध शराब बरामद, एक तस्कर गिरफ्तार

तेज एक्सप्रेस न्यूज – इब्राहिम खान /किरण साहनी

सोनभद्र। यातायात माह एवं अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी और क्षेत्राधिकारी दुद्धी राजेश कुमार राय के पर्यवेक्षण में दुद्धी पुलिस टीम ने 23 नवम्बर को भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब बरामद कर एक अंतर्राज्यीय शराब तस्कर को गिरफ्तार किया।मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, पटना (बिहार) से प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर थाना दुद्धी पुलिस ने रेणुकूट–दुद्धी मार्ग पर ग्राम कादल के पास चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान पुलिस ने एक ट्रक (संख्या RJ 09 GE 6492) को रोककर जांच की। तलाशी लेने पर ट्रक में छिपाकर रखी गई 680 पेटी (कुल 15120 बोतलें) यानी 6085.44 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब (मैकडावल नं.1 एवं इम्पीरियल ब्लू व्हिस्की ब्राण्ड) बरामद की गई। जब्त शराब व ट्रक की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपये आंकी गई है।पुलिस ने मौके से ट्रक चालक बभूता राम निवासी उत्तरी डेर रेडाना, थाना रामसर, जिला बाड़मेर (राजस्थान) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि ट्रक स्वामी संजय सिंह देवड़ा (निवासी रतलाम/चित्तौड़गढ़, राजस्थान) के निर्देश पर पंजाब से अवैध शराब लादकर बिहार भेजी जा रही थी। शराब की पेटियों को छुपाने के लिए ट्रक में ऊपर धान की भूसी और लकड़ी के बुरादे लादे गए थे। वहीं, ट्रक स्वामी ने चालक को चावल की बिल्टी दस्तावेज उपलब्ध कराए थे ताकि चेकिंग के समय ट्रक को सामान्य मालवाहक बताकर धोखा दिया जा सके।अभियुक्त ने आगे खुलासा किया कि शराब बिहार में डिलीवर की जानी थी और डिलीवरी स्थल की जानकारी फोन के माध्यम से दी जानी थी। जांच में यह भी सामने आया कि बरामद शराब के वास्तविक बारकोड को हटा कर नकली बारकोड लगाए गए थे ताकि पहचान न हो सके। बिहार में शराबबंदी लागू होने के कारण वहाँ अवैध शराब की ऊँची कीमत पर बिक्री होती है, जिससे तस्करों को भारी मुनाफा मिलता है। अभियुक्त इससे पहले भी उसी ट्रक स्वामी के कहने पर कई बार अवैध शराब की खेप बिहार पहुंचा चुका है।इस संबंध में थाना दुद्धी पर मुकदमा अपराध संख्या 293/2025 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस एवं 60/63/72 आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस दूसरे अभियुक्त ट्रक स्वामी संजय सिंह देवड़ा की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है।बरामद सामग्री में 680 पेटियां (15120 बोतलें) यानी लगभग 6085.44 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब, अशोक लीलैंड ट्रक (संख्या RJ 09 GE 6492), एक एंड्रॉयड मोबाइल, 10,200 रुपये नकद और चार कूटरचित दस्तावेज शामिल हैं। बरामदगी और गिरफ्तारी अभियान में उ.नि. हरिकेश राम आजाद (प्रभारी चौकी कस्बा दुद्धी), उ.नि. जयशंकर राय (प्रभारी चौकी अमवार), उ.नि. श्यामजी सिंह यादव, हे.का. सर्वेश कुमार सिंह, हे.का. मोहम्मद खालिद खान, हे.का. लक्ष्मण शंकर यादव व का. आनंद कुमार यादव की टीम शामिल रही।

शादी समारोहों में चोरी रोकथाम को लेकर होटल मालिकों और विवाह स्थल संचालकों की बैठक आयोजित

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र कोतवाली राबर्ट्सगंज स्थित आगामी शादी-विवाह सीजन को ध्यान में रखते हुए चोरी, अव्यवस्था और अनुशासन हीनता की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में जिले के होटल मालिकों, प्रबंधकों और विवाह/मैरेज लॉन संचालकों को आमंत्रित किया गया।पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के दिशा-निर्देशन में तथा क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर कुमार मिश्रा के नेतृत्व में यह बैठक कोतवाली राबर्ट्सगंज स्थित मीटिंग हॉल में संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य विवाह समारोहों के दौरान बढ़ने वाली चोरी, मोबाइल व गहना चोरी, संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों, और असुरक्षित व्यवस्थाओं पर नियंत्रण सुनिश्चित करना था।प्रमुख दिशा-निर्देश और निर्णयबैठक में क्षेत्राधिकारी नगर ने होटल और विवाह स्थल संचालकों को सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए निम्न प्रमुख बिंदुओं पर निर्देश दिए—सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य: सभी होटल, लॉन, पार्किंग और मुख्य द्वार पर हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे लगाए जाएं तथा रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिन तक सुरक्षित रखी जाए।संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान: किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना 112 नंबर या स्थानीय थाने पर दी जाए।पार्किंग की सुरक्षा और प्रकाश व्यवस्था: सभी विवाह स्थलों पर पर्याप्त रोशनी और निगरानी सुनिश्चित की जाए।प्रवेश द्वार पर सुरक्षाकर्मी: गेट पर सुरक्षा व्यवस्था एवं एंट्री रजिस्टर/पास सिस्टम लागू किया जाए ताकि कार्यक्रमों में बाहरी अनधिकृत प्रवेश न हो।हर्ष फायरिंग पर पूर्ण प्रतिबंध: समारोहों में हर्ष फायरिंग करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।डीजे/साउंड सिस्टम का समय निर्धारण: ध्वनि प्रदूषण नियंत्रक नियमों के अनुसार रात 10 बजे के बाद डीजे बजाना प्रतिबंधित रहेगा।भीड़भाड़ क्षेत्र में सतर्कता: गहना, मोबाइल या पर्स चोरी रोकने के लिए पर्याप्त स्टाफ की सक्रिय तैनाती की जाए।पुलिस का संदेशबैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कहा कि विवाह समारोहों के दौरान भीड़ का लाभ उठाकर चोरी की घटनाएँ बढ़ सकती हैं। ऐसी स्थिति में होटल मालिक, प्रबंधक व लॉन संचालक सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाकर आमजन को सुरक्षित माहौल प्रदान करें।उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि विवाह सीजन के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त, सघन चेकिंग और प्रभावी निगरानी बढ़ाई जाए।इस पहल को जिले में विवाह समारोहों की बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आम नागरिक निश्चिंत होकर अपने पारिवारिक आयोजनों का आनंद ले सकें।

गाँव में आज़ादी के बाद भी नहीं पहुँची बिजली, प्रदेश सचिव प्रदीप यादव ने किया ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज –

सोनभद्र – ब्लॉक रॉबर्ट्सगंज के ग्राम पंचायत पईका के टोला पथरहा में जहां पचासों की संख्या में ग्रामवासी है, और आज़ादी के 78 साल बाद भी इस टोला में बिजली आपूर्ति शुरू न होने से ग्रामीणों में गहरा रोष है। विकास के दावे और सरकारी योजनाओं के बावजूद यह गाँव अब भी अंधेरे में है।

समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश सचिव प्रदीप यादव ने बताया कि, वर्षों से कई बार अधिकारियों को आवेदन दिए गए, लेकिन न तो बिजली के खंभे लगाए गए और न ही ट्रांसफॉर्मर की व्यवस्था की गई। गाँव के बच्चे रात के समय पढ़ाई नहीं कर पाते, जबकि व्यवसाय और कृषि कार्यों पर भी वक़्त–वक़्त पर इसका असर पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनावों के दौरान नेताओं ने बिजली आपूर्ति का वादा तो किया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे सामूहिक रूप से जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।
इस प्रदर्शन में रोहन पाठक, विनोद जायसवाल, मुन्नू, धीरज, सोनू, धीरेन्द्र, अनीता, लल्लू, रीता जायसवाल, जगनरायन, नंदू, बूट्टल देवी, आदि ग्रामवासी उपस्थित रहे।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार को मारी जोरदार टक्कर, बाइक सवार घायल

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र/रामगढ़। पन्नूगंज थाना क्षेत्र के गुल्लीडांड (टोला वरबसपुर) में रविवार दोपहर करीब 3 बजे तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक बार फिर बड़ी घटना को जन्म दे दिया। पन्नूगंज की ओर से गल्ला लेकर गुल्लीडांड बैरियर की तरफ जा रहा तेज रफ्तार ट्रैक्टर जैसे ही परबसपुर पहुंचा, उसी वक्त सामने से आ रहे ग्लैमर बाइक सवार राजकुमार चेरो (48) पुत्र प्यारे चेरो, निवासी ग्राम खोड़ैला थाना मांची, लोकेशन—पानी टंकी, को जोरदार टक्कर मार दी।टक्कर इतनी भीषण थी कि राजकुमार चेरो सड़क पर ही गिरकर तड़पने लगे। आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना देर किए पन्नूगंज पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अवधेश सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और गंभीर रूप से घायल राजकुमार को तत्काल पीएचसी चतरा भेजवाया, जहां उनका इलाज जारी है।थाना प्रभारी अवधेश सिंह ने बताया कि घायल के परिजनों को सूचित कर दिया गया है तथा टक्कर मारने वाले ट्रैक्टर को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पूरे मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रैक्टरों और भारी वाहनों का आवागमन लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे हादसों की आशंका हर समय बनी रहती है। पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई जा रही है।

ओबरा में यातायात अभियान के बीच हंगामा, हनुमान मंदिर चौराहे पर पुलिस और स्थानीयों में तीखी बहस

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

ओबरा। नवंबर माह को यातायात जागरूकता अभियान के रूप में मनाया जा रहा है, लेकिन ओबरा में इस अभियान के बीच रविवार को हनुमान मंदिर चौराहे पर माहौल अचानक गरमा गया। हेलमेट और चालान को लेकर पुलिस व स्थानीय लोगों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई और मामूली बहस तनावपूर्ण माहौल में बदल गई।चौराहे पर मौजूद दुकानदारों और छोटी दूरी पर आवागमन करने वाले लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस बिना परिस्थिति समझे लगातार चालान काट रही है। उनका कहना था कि बाज़ार क्षेत्र में घरों और दुकानों की नजदीकी के कारण हर समय हेलमेट पहनना व्यावहारिक रूप से मुश्किल है, ऐसे में रोज–रोज चालान होने से आम जनता में रोष पनप रहा है।लोगों ने यह भी कहा कि अभियान का उद्देश्य जागरूकता होना चाहिए, न कि चौराहे को ‘चालान ज़ोन’ में बदल देना। भीड़ ने पुलिस से मांग की कि स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नियम लागू हों, ताकि परेशानियों के बजाय समाधान निकल सके।उधर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का कहना था कि प्रदेशभर में चल रहे अभियान के तहत नियमों का सख्त पालन अनिवार्य है। हेलमेट न पहनने, ट्रिपल राइडिंग, ओवरस्पीडिंग से लेकर ड्रिंक एंड ड्राइव तक—हर उल्लंघन पर कार्रवाई की निर्देश स्पष्ट हैं। पुलिस का तर्क था कि अगर कार्रवाई नहीं होगी तो सड़क हादसे नहीं रुकेंगे।लेकिन लोगों और पुलिस के बीच संवाद की कमी ने विवाद को हवा दे दी। कुछ देर तक दोनों पक्षों में तीखी बहस चलती रही। हालात बिगड़ते देख वरिष्ठ अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने दोनों पक्षों को शांत कराया और आश्वासन दिया कि अभियान के दौरान आम लोगों को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाएगा।ओबरा की घटना ने साफ कर दिया है कि नियमों की सख्ती जरूरी है, मगर उससे भी ज्यादा जरूरी है—स्थानीय हालात को समझते हुए संवाद और संतुलन। सड़क सुरक्षा का लक्ष्य तभी सफल होगा जब नियम लागू करने वालों और नियम पालन करने वालों के बीच विश्वास बना रहे।

शादी समारोह में लाखों की चोरी की सनसनीखेज वारदात

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र रॉबर्ट्सगंज के नामचीन अरिहंत होटल में बीती रात हुई, जहां जयमाल के दौरान एक अज्ञात चोर ने नकदी और गहनों से भरा एक बैग चोरी कर फरार हो गया। चोरी लगभग 12:30 से 1:30 बजे के बीच हुई जिसमें 3.50 लाख रुपये का सामान गायब हुआ। पीड़ित महिला हीरामणि तिवारी के दो बैग थे, जिसमें से एक बड़ा भूरे रंग का और दूसरा हरा बैग था। संतोष तिवारी ने बताया कि उन्होंने चोरी से पहले दो संदिग्ध व्यक्तियों को कई बार होटल के आसपास घूमते देखा, जिन पर शक जताया जा रहा है।पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और शिकायत मिलते ही तहरीर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि होटल के कई CCTV कैमरे खराब होने के कारण आरोपी की पहचान में कठिनाई हो रही है। पुलिस तमाम सुरागों और गवाहों से पूछताछ कर चोरी के आरोपियों की तलाश कर रही है। होटल प्रबंधन और स्थानीय लोग सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं और पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।यह घटना सोनभद्र में होटल सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती है। पीड़ित पक्ष उचित कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है और पुलिस पूरी तत्परता से मामले की जांच में लगी हुई है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी को लेकर पुलिस सख्त कदम उठा रही है और जांच जारी है

तेज रफ्तार टेलर ने खड़ी टेलर को मारी जोरदार टक्कर, चालक गंभीर रूप से घायल

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र जिले के एक सड़क हादसे में तेज रफ्तार एक टेलर ने पीछे खड़ी टेलर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टेलर का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल चालक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया।पुलिस ने दोनों टेलरों को कब्जे में लेकर हादसे की जांच शुरू कर दी है। सड़क दुर्घटना के कारण इलाके में भारी अफरा-तफरी मची रही और घटना स्थल पर भीड़ इकठ्ठा हो गई। घायल चालक का इलाज जिला अस्पताल में जारी है, जबकि पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।सोनभद्र में तेजी से बढ़ती तेज रफ्तार वाहन दुर्घटनाओं की वजह से स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारी लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं, लेकिन सड़क नियमों के प्रति लापरवाही अभी भी कई दुर्घटनाओं की मुख्य वजह बनी हुई है। इस दुर्घटना ने एक बार फिर वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत जताई है, ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके।यह हादसा स्थानीय पुलिस के सक्रिय हस्तक्षेप और त्वरित मदद से गंभीर स्थिति के बावजूद नियंत्रित किया गया है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि घायलों का बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाएगा और वाहन चालकों को नियमों का पालन करने के लिए और सख्त कदम उठाए जाएंगे।सड़क सुरक्षा और वाहनों की जांच को लेकर अधिकारियों ने अलर्ट जारी किया है ताकि ऐसे दुर्घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके। यह खबर सोनभद्र जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।

पीएचसी खलियारी में आरोग्य मेले में 90 मरीजों का हुआ उपचार

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र खलियारी (नगवां): रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेला कार्यक्रम के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खलियारी में स्वास्थ्य जांच एवं दवा वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य सेवाएं लेने पहुंचे। कुल 90 मरीजों की जांच कर उन्हें निःशुल्क दवा प्रदान की गई।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खलियारी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अमित सिंह ने बताया कि मेले में बुखार, खांसी, शुगर, ब्लड प्रेशर आदि रोगों से ग्रसित मरीजों का परीक्षण कर उचित दवा दी गई। उन्होंने कहा कि आरोग्य मेले के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।गर्भवती महिलाओं की जांच का कार्य एएनएम सरस्वती देवी ने संभाला। उन्होंने बताया कि कुल 7 गर्भवती महिलाओं का वजन, बीपी, हेमोग्लोबिन, एचआईवी जांच की गई। जांच के बाद सभी को आयरन, कैल्शियम और फोलिक एसिड की दवाएं प्रदान की गईं। इस दौरान 2 महिलाओं का सफल प्रसव भी कराया गया।लैब तकनीशियन सोनाली ने बताया कि मेले में 25 मरीजों के ब्लड सैंपल जांचे गए, जिनमें हिमोग्लोबिन, मलेरिया, टायफॉयड और शुगर की जांच शामिल रही। सभी रिपोर्ट सामान्य पाई गईं।फार्मासिस्ट अनूप कुमार और सीएचओ सुनीता यादव ने मरीजों को दवा वितरण कर उपचार हेतु आवश्यक परामर्श दिया। मेले में खलियारी, बलियारी, पंडरी, रायपुर, तेंदुआ, सुअरसोत, मांची, नगवां, दरमा, करही के अलावा सीमावर्ती बिहार के सीकरी, सिकरवार और अधौरा गांवों से भी मरीज पहुंचे।स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस प्रकार का मेला ग्रामीण क्षेत्र के लिए बेहद उपयोगी है, क्योंकि इससे दूर-दराज़ के लोगों को एक ही स्थान पर सभी प्रकार की जांच व उपचार की सुविधा मिल जाती है।

अर्दली रूम बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा, थाने में बेहतर सुरक्षा और त्वरित कार्रवाई पर जोर

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र के चोपन में अर्दली रूम का आयोजन किया गया, जिसमें लंबित विवेचनाओं की गहन समीक्षा हुई और कुल 11 विवेचनाओं का सफलता पूर्वक निस्तारण कराया गया। इस बैठक में एएसपी मुख्यालय द्वारा सभी विवेचकों को शेष लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जन शिकायतों के त्वरित समाधान, वांछित और वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी, आईजीआरएस और अन्य प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण पर भी जोर दिया गया।बैठक में रात्रि गश्त, संदिग्ध वाहनों की चेकिंग, साइबर अपराधों की रोकथाम, तथा महिला सुरक्षा संबंधित मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु जरूरी दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए। इसका उद्देश्य थाना क्षेत्र की कानून व्यवस्था और सुरक्षा को बेहतर बनाना है। एएसपी का यह कदम पुलिस तंत्र की कार्यकुशलता और जनता की शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।यह आयोजन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ जनता में पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति विश्वास बढ़ाने में सहायक होगा। इसके माध्यम से अपराध नियंत्रण तथा महिला एवं साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, यह अर्दली रूम पुलिस प्रशासन द्वारा जनहित और कानून व्यवस्ता के प्रति गंभीरता का प्रमाण है।इस खबर को पेपर के लिए विस्तृत और तथ्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है, जिसमें पुलिस की सक्रियताएं, विवेचना निस्तारण की प्रक्रिया, और सामाजिक सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस रिपोर्ट में स्थानीय पुलिस के प्रयासों का विस्तृत विवरण और उनके दिशानिर्देशों को प्रमुखता से दर्शाया जा सकता है।

रेलवे ट्रैक पर हादसा: मालगाड़ी की चपेट में आने से युवक के दोनों पैर कटे, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र शक्तिनगर। बीना पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत शनिवार की देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब एक युवक मालगाड़ी की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में युवक के दोनों पैर कट गए। घटना बीना बस स्टैंड के पीछे रेलवे लाइन पर हुई, जिसने क्षेत्रवासियों को दहला दिया।पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि लगभग 2 बजकर 50 मिनट पर कृष्णशीला रेलवे स्टेशन मास्टर ने बीना पुलिस चौकी को घटना की सूचना दी। स्टेशन मास्टर ने बताया कि शक्तिनगर से कृष्णशीला स्टेशन की ओर जा रहे ट्रैक पर एक व्यक्ति ट्रेन से कट गया है और वह गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा है।सूचना मिलते ही बीना पुलिस चौकी प्रभारी तत्काल दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घायल युवक की पहचान 25 वर्षीय राहुल दुबे पुत्र स्व. मंगल दुबे, निवासी क्वार्टर नंबर 368, बीना कॉलोनी, ग्राम जमशीला के रूप में हुई। मौके पर मौजूद लोगों की सहायता से घायल राहुल दुबे को एम्बुलेंस से तत्काल दिबुलगंज अस्पताल भेजा गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया।स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के समय रेलवे लाइन के आस-पास कोई भी मौजूद नहीं था। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक उस समय रेलवे ट्रैक पर कैसे और क्यों पहुंचा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर विभिन्न पहलुओं की छानबीन कर रही है।पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हादसा दुर्घटनावश हुआ या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। इस घटना से बीना कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में शोक और चिंता का माहौल है।

बीआरसी परिसर में विशेष गहन पुननिरीक्षण मेला आयोजित, नगरवासियों ने बीएलओ से मिलकर भरे मतदाता फॉर्म

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

दुद्धी सोनभद्र। स्थानीय कस्बे के खंड शिक्षा अधिकारी (बीआरसी) परिसर में रविवार को विशेष गहन पुननिरीक्षण (एसआईआर) मेला आयोजित किया गया। इस दौरान नगर पंचायत क्षेत्र के 11 वार्डों के सभी बीएलओ, उनके सहयोगी कर्मचारी, नगर पंचायत कर्मी और शिक्षकगण मेले में मौजूद रहे।
मेले में नगरवासियों द्वारा मतदाता सूची से संबंधित नाम, भाग संख्या, निर्वाचन संख्या, बूथ संख्या इत्यादि त्रुटियों के समाधान हेतु बीएलओ से संपर्क किया गया। कई मतदाताओं ने मौके पर ही एसआईआर फॉर्म भरकर जमा किया।
मेले का निरीक्षण नोडल अधिकारी एवं जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव कुमार ने किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बीएलओ और अन्य कर्मियों से पुननिरीक्षण की प्रगति की जानकारी ली तथा सामने आ रही समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए क्षेत्र के कोटेदारों का सहयोग भी लिया जाए, ताकि कोई भी मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।
इस अवसर पर क्षेत्रीय लेखपाल विनय गुप्ता, नगर पंचायत के कर्मचारी, सभासद, शिक्षकगण एवं सभी बीएलओ उपस्थित रहे।

दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य द्वार पर टूटी जाली से मरीजों को परेशानी

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

•एंबुलेंस से आने वाली गर्भवती महिलाओं को झेलनी पड़ रही है सबसे अधिक दिक्कतें

दुद्धी सोनभद्र। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी के मुख्य द्वार पर सड़क पर लगी लोहे की जाली टूटकर धंस गई है। इस वजह से इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की स्थिति खराब हो जा रही है। मरीजों को लाने-लेजाने वाले वाहनों को यहां से निकलने में लगातार परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कई दिनों से सड़क का यह हिस्सा टूटकर गड्ढे में बदल गया है, जिससे एंबुलेंस समेत अन्य वाहनों के पहिए फंस जाते हैं। स्थिति ऐसी हो गई है कि कई बार गर्भवती महिलाओं व गंभीर मरीजों के वाहन /एंबुलेंस बंद हो जाती है ।
लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिल सके।

कांग्रेस पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बिहार चुनाव में हार के लिये जिम्मेदार मानती है!

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – विष्णु गुप्ता

कांग्रेस पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बिहार चुनाव में हार के लिये जिम्मेदार मानती है! क्या राहुल गांधी भूल गए हैं कि कांग्रेस शासन के दौरान चुनाव आयुक्त की नियुक्ति कैसे होती थी?

कांग्रेस शासनकाल में राष्ट्रपति केवल प्रधानमंत्री की सिफारिश पर मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करते थे, जबकि वर्तमान नियुक्ति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समावेशी है, जिसमें विपक्ष के नेता सहित कई हितधारक शामिल हैं।

आपको दो खबरें बताते है कैसे कांग्रेस ने चुनाव आयोग को गुलाम बना लोकतंत्र की हत्या की थी।

भारत का एक चुनाव आयुक्त था “नवीन चावला”

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त रहे नवीन चावला को, सरकार ने नहीं बल्कि सोनिया गांधी ने नियुक्त किया था।

सोनिया गांधी के लिए नवीन चावला उनकी पहली पसंद इसलिए थे क्योंकि नवीन चावला मदर टेरेसा के संपर्क में आकर क्रिप्टो क्रिश्चियन बन चुके थे।

उन्होंने मदर टेरेसा पर काफी किताबें लिखी…
इतना ही नहीं पद पर रहते हुए भी वह एक अपनी निजी एनजीओ चलाते थे।

और जब वह मुख्य चुनाव आयुक्त थे तब राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने 8 एकड़ जमीन जयपुर में उन्हें मुफ्त में दी थी।

नवीन चावला को इटली की सर्वोच्च कैथोलिक क्रिश्चियन संस्था ने अपना सर्वोच्च पुरस्कार दिया था।

31 जनवरी 2009 को तब के मुख्य चुनाव आयुक्त गोपाल स्वामी ने खुद राष्ट्रपति के पास जाकर शिकायत की थी कि उनके जूनियर चुनाव आयुक्त नवीन चावला कांग्रेस के एजेंट हैं और वह मीटिंगों की जानकारी कांग्रेस को लीक करते है। बीच मीटिंग में वह बाहर आकर बार-बार कांग्रेस नेताओं को मीटिंग की जानकारी देते रहते हैं और उनके निर्देश पर मीटिंग में उनका पक्ष रखते हैं।

लेकिन इसके बावजूद भी ना तो नवीन चावला को हटाया गया बल्कि गोपाल स्वामी के बाद अगला मुख्य चुनाव आयुक्त भी उसे ही बना दिया गया, जबकि उसका नंबर तीसरा था बीच में एक चुनाव आयुक्त और था जो दूसरे नंबर पर था और उसे बनाया जाना था।।

और नवीन चावला ने इस नमक का हक अदा किया। उसने 2009 के चुनाव में खुलकर बेईमानी करवाई।

ऐसे कई केसेस हुए थे । नवीन चावला के ही जमाने में कांग्रेस पार्टी ने सपा से ज्यादा लोकसभा सांसद हासिल किए थे उत्तर प्रदेश में।
यहां तक की सपा के गढ़ फिरोजाबाद चुनाव में राज बब्बर ने डिंपल को हरा दिया था जबकि राज बब्बर खुद चुनाव लड़ने को इच्छुक नहीं थे।

चिदंबरम को शिवगंगा से जयललिता की उम्मीदवार ने हरा दिया था, मगर तभी टीवी पर खबर आने लगी कि सोनिया गांधी चिदंबरम को ही गृहमंत्री बनाएंगी और उसके बाद दोबारा मतगणना हुई और उसमें चिदंबरम को जीता दिखा दिया गया।

पूरे 5 साल तक वह केस अदालत में चला और बाद में वह केस आया -गया हो गया और जयललिता इन 5 सालों में कहती रही कि हमारे साथ बेईमानी हुई है, चिदंबरम बेईमानी से जीते हैं।

मेनका गांधी को भी पहले हरा दिया गया था लेकिन मेनका गांधी दोबारा काउंटिंग पर अड़ गई और काफी बवाल के बाद जब दोबारा से वोटो की गिनती हुई तो उसमें मेनका गांधी जीत गई।

यह नवीन चावला ही था जिसने उस दौरान परिसीमन किया था और परिसीमन का उद्देश्य यह था कि संघर्ष वाली सीटों पर भाजपा के वोट कम कर दिए जाएं और कांग्रेस के वोटरों को उस सीट में शामिल कर लिया जाए खासकर मुसलमानों को।

सोचिए कांग्रेस ने इस देश में कितने कुकर्म किए हैं और हमारी याददाश्त इतनी छोटी होती है कि हम उसे भूल जाते हैं !

यही सोनिया गांधी है जिसने खूब हो हल्ला मचाया कि कि मोदी चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में राहुल गांधी को ओर चीफ जस्टिस को शामिल करे इस दबाव में सदन को कानून बनाना पड़ा।

अब यदि चुनाव आयुक्त को नियुक्ति में कोर्ट चला जाए तो जज साहब ही उस केस को सुनेगे जिस केस में कोर्ट खुद एक पार्टी हो…..

इसे कहते हैं संविधान की ओर लोकतंत्र की हत्या..

चुनाव आयुक्त से याद आया…!
एक सरदार डॉक्टर एस गिल भी चुनाव आयुक्त थे 1996 से 2001 के बीच में। इस समय अटल जी की सरकार जीतते जीतते हार गई थी
क्या तब उसने वोटरों में हेरा फेरी कराई थी कि जीते जीते अटल जी हार गए इस जीत के बदले पहले उसे राज्यसभा मेंबर केंद्रीय खेल मंत्री बनाया गया था।

पद के दुरुपयोग और पद छोड़ने के बाद पदाधिकारियों को उनकी सेवाओं के लिए पुरस्कार के रूप में राजनीतिक नियुक्तियां देने का कांग्रेस का रिकॉर्ड है। जैसे- पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त केवीके सुंदरम को सेवानिवृत्ति के बाद विधि आयोग का अध्यक्ष बनाया और पद्म विभूषण से सम्मानित किया। नागेंद्र सिंह को बाद में पद्म विभूषण मिला।

आरके त्रिवेदी को राज्यपाल बनाया व पद्मभूषण पुरस्कार से नवाजा गया। वीएस रामादेवी राज्यपाल बनाए गए। टीएन सेशन सेवानिवृत्त होकर कांग्रेस से चुनाव लड़े। ऐसे और भी उदाहरण हैं।

कांग्रेस कैसे चुनाव आयुक्तों को मोहरा बनती आई है और यही कारण है कि राहुल गांधी को आज भी लगता है कि वह जो करके आए हैं वह आज भी होता होगा।

ओर आज यही कांग्रेस चाहती है कि चुनाव आयुक्त उसकी पसंद का बने ….समझ गए न क्यों..??

अपनी हार छिपाने के लिये राहुल गांधी की कोशिश होती है की चुनाव आयोग की विश्वनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगाकर लोकतंत्र पर बार-बार हमला किया जाए, उसे कमज़ोर किया जाए, लोगों को गुमराह किया जाए और देश में अराजकता का माहौल बनाया जाये।
मनीष प्रकाश

निर्भय चौधरी ने डीएम व खान अधिकारी को सौंपा पत्रक, खनन पट्टाधारकों पर नियमों के उल्लंघन का गंभीर आरोप

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। कोटा निवासी निर्भय चौधरी ने जिले के बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन और ई-एमएम-11 की कालाबाजारी को लेकर जिलाधिकारी व खान अधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र में संचालित कई खनन पट्टों द्वारा मानक से अधिक खनन किया जा रहा है तथा विभागीय मिलीभगत से सरकारी नियमों की अनदेखी की जा रही है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि बिल्ली मारकुंडी निवासी रिंकी श्रीवास्तव पत्नी सुधीर कुमार श्रीवास्तव के नाम स्वीकृत खनन पट्टा 7 अक्टूबर 2023 से 6 अक्टूबर 2033 तक वैध है। प्रतिवर्ष 44,354 घनमीटर खनन की अनुमति के बावजूद, उक्त पट्टे पर अब तक कोई वैधानिक खनन कार्य नहीं किया गया है। आरोप के अनुसार, बिना वास्तविक खनन गतिविधियों के ही उक्त पट्टे का ई-एमएम-11 अवैध खनन माफियाओं को बेच दिया गया। निर्भय चौधरी ने यह भी कहा कि यह भूमि पथरीली नहीं बल्कि कृषि योग्य है, जिस पर गलत जानकारी देकर खनन पट्टा स्वीकृत कराया गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि इस मामले में दण्डात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।इसी तरह, दूसरे मामले में मंगला प्रसाद पुत्र लालजी निवासी बिल्ली मारकुंडी और “श्री स्टोन” नामक फर्म के विरुद्ध भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनके पास क्रमशः 6 दिसंबर 2022 से 5 दिसंबर 2023 तथा 19 अप्रैल 2025 से 18 अप्रैल 2035 तक वैध पट्टे हैं, जिनसे प्रति वर्ष 37,134 और 60,000 घनमीटर खनन की अनुमति है। शिकायत कर्ता के अनुसार, दोनों पट्टाधारकों ने अपने 10 वर्षों के स्वीकृत कोटे से अधिक पत्थर खनन पहले ही पूरा कर लिया है। साथ ही, सुरक्षा मानकों की अवहेलना करते हुए लगभग 400 फीट तक गहरी खदानें बना दी गई हैं, जो स्थानीय लोगों के लिए अत्यंत खतरनाक साबित हो रही हैं।ज्ञापन में यह भी उल्लेखित है कि हाल ही में श्री स्टोन खनन पट्टे पर मजदूरों की मौत की घटना को वाहन दुर्घटना बताकर दबाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा, विस्फोटकों के अत्यधिक उपयोग तथा खान सुरक्षा विभाग की लापरवाही का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया कि खनन के दौरान पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचाई गई है और भूगर्भीय जल का अत्याधिक दोहन हुआ है, जबकि संबंधित पट्टों के पास भूगर्भ जल अनापत्ति प्रमाण पत्र तक नहीं है।निर्भय चौधरी ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र प्राधिकारी से कराई जाए तथा दोषी पट्टाधारकों और विस्फोटक आपूर्ति कर्ताओं के विरुद्ध विधिक व आर्थिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय पर सख्ती नहीं बरती गई, तो जनपद में 15 नवंबर 2025 जैसे खनन हादसे दोबारा हो सकते हैं, जिससे जन-धन की भारी हानि सम्भावित है।

सोनभद्र: मारकुण्डी खनन क्षेत्र की घटना पर DGMS टीम का निरीक्षण, माइंस एक्ट का उल्लंघन पाया गया

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। ओबरा बिल्ली मारकुण्डी खनन क्षेत्र में हुए भीषण हादसे के बाद भारत सरकार के खान सुरक्षा महा निदेशालय (DGMS) की टीम ने शनिवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम के नेतृत्व में पहुंचे खान सुरक्षा उप महानिदेशक नीरज कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि कृष्णा माइंस का संचालन माइंस एक्ट 1952 की धारा 22(3) का उल्लंघन करते हुए किया जा रहा था।नीरज कुमार ने बताया कि संबंधित खदान पर पहले से ही उक्त धारा के तहत प्रतिबंध लगाया गया था, जिसमें खदान के खतरनाक और निचले हिस्सों में कार्य करने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद वहां पर कार्य जारी रखा गया, जिससे यह गंभीर दुर्घटना हुई। उन्होंने कहा, “जब प्रतिबंधित क्षेत्र में काम नहीं किया जाना चाहिए था, उस दौरान सुधारात्मक कदम उठाने के बजाय खतरनाक क्षेत्र में ही काम जारी रहा, जो नियमानुसार पूर्णतः गलत है।”राज्य सरकार के साथ बैठक की तैयारी नीरज कुमार ने कहा कि मारकुण्डी क्षेत्र में कई अन्य खदानों के संचालन में भी मानकों से विपरीत स्थितियां देखी गई हैं। इसको लेकर DGMS की ओर से राज्य सरकार के साथ बैठक करने की योजना बनाई जा रही है। बैठक में यह चर्चा की जाएगी कि किन कानूनी प्रावधानों के तहत और किस प्रक्रिया में खदानों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जा सके।उन्होंने आगे कहा कि “यदि खनन को मानक से भिन्न परिस्थितियों में करना आवश्यक है, तो हमें परिस्थितियों और कार्य प्रणाली, दोनों में बदलाव करने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।”मजदूरों के बयान के आधार पर आगे बढ़ेगी जांचजांच टीम ने हादसे के समय खदान में कार्यरत श्रमिकों के बयान भी दर्ज किए हैं और वास्तविक स्थिति को परखा है। इन बयानों के आधार पर आगे की जांच को दिशा दी जाएगी। नीरज कुमार ने यह भी पुष्टि की कि खदान प्रबंधक और माइनिंग मेट को हिरासत में लिए जाने की सूचना प्राप्त हुई है। DGMS न्यायालय से अनुमति लेकर उनके बयान दर्ज कराएगा।मुख्य दोषियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन रिकॉर्ड में दर्ज खदान मालिक को जिम्मेदार माना जा सकता है।दो दिन चला राहत-बचाव कार्यगौरतलब है कि 15 नवंबर की दोपहर करीब 3 बजे कृष्णा माइनिंग क्षेत्र में चट्टान धंसने से सात श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई थी। बचाव और राहत कार्य दो दिनों तक चला, जिसके बाद सभी शवों को बाहर निकाला जा सका। इस गंभीर दुर्घटना के बाद खान सुरक्षा महानिदेशालय द्वारा जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है, जो सभी पहलुओं पर विस्तृत जांच कर रही है।

ओबरा खनन हादसे में मृतक मजदूरों को श्रद्धांजलि, एनएसयूआई ने कैंडल मार्च निकाल सरकार से की मुआवजे की मांग

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र के ओबरा क्षेत्र में हाल में हुए खनन हादसे में मृत मजदूरों की याद में गुरुवार की शाम एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के पूर्वी जोन अध्यक्ष ऋषभ पांडे सोनभद्र पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ चाचा नेहरू पार्क से बढ़ौली चौराहे तक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला।इस दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और सरकार से मृतक परिजनों को समुचित मुआवजा एवं सरकारी नौकरी देने की मांग की। ऋषभ पांडे ने कहा कि यह हादसा गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा आघात है। जो लोग अपनी मेहनत-मजदूरी से घर चला रहे थे, वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। ऐसे में उनके परिजनों को टूटने से बचाने के लिए सरकार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अजय राय की मांगों को तत्काल स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मृतक परिवार को कम से कम 50-50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी दी जाए, साथ ही अवैध खनन में लिप्त ठेकेदारों और मिलीभगत करने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।एनएसयूआई के सोनभद्र जिला अध्यक्ष अंशु गुप्ता ने कहा कि हादसे में जिन परिवारों ने अपने सदस्य खोए हैं, उनके बच्चों की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन को उठानी चाहिए। उन्होंने मृतक बच्चों की नि:शुल्क शिक्षा की मांग की ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।कैंडल मार्च में कांग्रेस और एनएसयूआई से जुड़े बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। मुख्य रूप से उपस्थित लोगों में कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष रामराज सिंह गोड़, राजेश द्विवेदी, पूर्व शहर अध्यक्ष राजीव त्रिपाठी, यूपी कांग्रेस कमेटी के सदस्य आशुतोष कुमार दुबे (आशु), प्रदेश महासचिव सत्यम पांडे, संदीप पाल, सशंक, रौनिक, रोहित भारती, युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष सूरज वर्मा, उद्योग व्यापार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष राहुल जैन, प्रमोद प्रजापति, मृदुल मिश्र, संदीप शुक्ल, उमेश पटेल, हरिद्वार सिंह, रविंद्र विश्वकर्मा, अनूप चौहान, अंशु पटेल, सलमान, शिवम पांडे, विजय कुमार, अनमोल कुमार, वारिस खान, अशरफ हाशमी, अफजल खान, यश मिश्रा, आशीष मिश्रा, नीमेष कुमार, अनुराग मिश्रा, नैतिक राज, आकाश, चिंटू मिश्रा सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल रहे।कार्यक्रम के अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की और सरकार से न्याय की मांग की।

तेज रफ्तार का कहर: बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत, चालक हुआ फरार

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र रेणुकूट विंढमगज मार्ग पर आज तड़के सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ जिसमें तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने बाइक सवार युवक विश्वनाथ यादव को जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर चोटों के चलते वह मौके पर ही निधन हो गए। घटना कनहर पुल के समीप हुई, जहां विश्वनाथ अपने घर से रेणुकूट स्थित निजी कंपनी अपने कार्यस्थल के लिए जा रहे थे। पिकअप चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जिसे पुलिस तलाश रही है।पुलिस ने तुरंत घटना स्थल का मुआयना कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और पिकअप वाहन को सीज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक विश्वनाथ परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, जिससे परिवार में भारी शोक और आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोग तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं क्योंकि यह मार्ग पहले भी दुर्घटनाओं के लिए जाना जाता है।इस हादसे ने सड़क सुरक्षा की गंभीर स्थिति को उजागर किया है। प्रशासन को चाहिए कि इस मार्ग पर ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराए और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण बढ़ाए ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा दुर्घटनाओं को रोका जा सके। दुर्घटना स्थल के पास बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन तथा सड़क सुरक्षा इंतजामों की तत्काल आवश्यकता है।

संदिग्ध परिस्थिति में दो बसों में लगी आग, ग्रामीणों की तत्परता से घंटों बाद पाया गया काबू

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। शक्तिनगर थाना क्षेत्र के खड़िया बाजार स्थित विश्वजीत वर्कशॉप में शुक्रवार की दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब वर्कशॉप पर खड़ी दो प्राइवेट बसों में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही देर में दोनों बसें धधकने लगीं। इससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि घटना के समय कोई व्यक्ति बस के भीतर मौजूद नहीं था, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ।जानकारी के अनुसार विश्वजीत वर्कशॉप में रोजमर्रा की तरह बसों की सर्विसिंग और मरम्मत का कार्य चल रहा था। दोपहर के समय एक बस की रिपेयरिंग के दौरान अचानक धुआं उठने लगा, देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ ही क्षणों में बगल में खड़ी दूसरी बस भी आग की चपेट में आ गई। तेज लपटें और धुएं का गुबार आसमान तक छा गया।घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए ग्रामीणों ने खुद ही आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। बाल्टी, पाइप और पानी के मोटर पंप की सहायता से ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों की तत्परता नहीं होती तो आग वर्कशॉप में खड़ी अन्य गाड़ियों तक फैल सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था।स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। वर्कशॉप कर्मियों ने अनुमान लगाया है कि आग शॉर्ट सर्किट या किसी प्रकार की चिंगारी से लग सकती है। वहीं मौके पर पहुंचे शक्तिनगर थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।घटना से लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फायर विभाग आग लगने के पीछे की तकनीकी वजहों की पड़ताल कर रहा है। फिलहाल क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।

साप्ताहिक बाजार में खरीदारी करने आई महिला ट्रक ने कुचला गंभीर रूप से घायल — रेफर

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – विष्णु गुप्ता

म्योरपुर कस्बे के बीजपुर–मुर्धवा मार्ग पर शनिवार को साप्ताहिक बाजार में खरीदारी करने पहुंची एक महिला को ट्रक ने कुचल दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना म्योरपुर थाने के समीप दोपहर के समय हुई, जिसके बाद मौके पर हड़कंप मच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, म्योरपुर थाना क्षेत्र के डढ़ियरा गांव निवासी इंद्रावती (36) पत्नी गोटेलाल अपने छोटे बेटे के साथ बाजार पहुंची थीं। जैसे ही वह म्योरपुर थाने के पास पहुंचीं, रेणुकूट की ओर से आ रहे ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कमल नयन दूबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र म्योरपुर भिजवाया गया। वहीं चिकित्सक डॉ. पी.एन. सिंह ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत चिंताजनक होने पर बेहतर चिकित्सा के लिए महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे में शामिल ट्रक और चालक को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

दुद्धी में कचहरी गेट पर दुद्धी को जिला बनाओं की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

दुद्धी सोनभद्र। शनिवार की दोपहर लगभग 1 बजे दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं और संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कचहरी गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं व कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सरकार से दुद्धी को शीघ्र जिला घोषित करने की मांग की।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि दुद्धी को जिला बनाने की आवाज पिछले कई दशकों से उठ रही है। समिति द्वारा अब तक 30 घंटे का आमरण भूख हड़ताल, 20 किलोमीटर पैदल यात्रा और कई चरणों में धरना-प्रदर्शन किया जा चुका है। उनका कहना रहा कि दुद्धी जिला बनने के सभी मानकों पर खरा उतरता है और यहां से प्रदेश सरकार को भारी भरकम राजस्व की प्राप्ति भी होती है। इसके बावजूद दुद्धी को अब तक जिला घोषित नहीं किया गया।
मोर्चा पदाधिकारियों का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्र और प्रदेश स्तर के कई मंत्री और राजनीतिक नेताओं ने दुद्धी को जिला बनाने का वादा किया था। लोगों का कहना है कि चुनावी वायदे को निभाते हुए अब सरकार को विकास की राह प्रशस्त करने के लिए दुद्धी को जिला घोषित करना चाहिए।
प्रदर्शन में सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रभु सिंह सत्यनारायण यादव, सन्नो बनो, रेणुवंती सिंह गोंड, अमरावती देवी,शकुंतला देवी ,सूर्यकांत तिवारी , सरवर हुसैन ,राकेश अग्रहरि ,आशीष गुप्ता राजेंद्र प्रसाद ,श्रीचन्द्र ,अभिनव जायसवाल अभिषेक त्रिपाठी रजनीश सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता संघ और मोर्चा के पदाधिकारी मौजूद रहे। जुलूस व नारेबाजी के दौरान कचहरी परिसर में माहौल पूरी तरह आंदोलनी रंग में दिखाई दिया।
मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

कौमी एकता समिति दुद्धी के तत्वावधान में होगा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

25 नवम्बर को तहसील प्रांगण में कवियों और शायरों का जुटेगा जमघट

दुद्धी सोनभद्र। कौमी एकता समिति दुद्धी-सोनभद्र के तत्वावधान में 25 नवम्बर 2025 को तहसील प्रांगण, दुद्धी में भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन किया जाएगा। इस सांस्कृतिक महोत्सव में देशभर के चर्चित कवि और शायर अपनी प्रस्तुति देंगे।
कौमी एकता समिति दुद्धी के संरक्षक रविंद्र जायसवाल, अध्यक्ष रामलोचन तिवारी और कोषाध्यक्ष मदन तिवारी ने संयुक्त रूप से बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड। समारोह की अध्यक्षता पूर्व सांसद रामशकल करेंगे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में भाजपा जिलाध्यक्ष सोनभद्र नन्दलाल गुप्ता, उपाध्यक्ष अनुसूचित जनजाति आयोग उ.प्र. सरकार जीत सिंह खरवार, सदर विधायक सोनभद्र भूपेश चौबे, अपर मण्डल आयुक्त मिर्जापुर डॉ. विश्राम, नगर पालिका परिषद सोनभद्र की अध्यक्ष रूबी प्रसाद, नगर पंचायत दुद्धी के चेयरमैन कमलेश मोहन सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि और गणमान्य उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम में जिन कवियो-शायरों को आमंत्रित किया गया है, उनमें कमलेश राज हंस (अनपरा), जानी बैरागी (धार, मध्यप्रदेश), दमदार बनारसी (वाराणसी), मोहन मुन्तजिर (नैनीताल, उत्तराखण्ड), अखिलेश द्विवेदी (प्रयागराज), बिहारी लाल अम्बर (प्रयागराज) और प्रीति पाण्डेय (प्रतापगढ़) शामिल हैं।

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान दुद्धी में रोजगार मेला, 127 अभ्यर्थी हुए चयनित

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

दुद्धी सोनभद्र। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान दुद्धी में शनिवार को एक भव्य रोजगार मेले का आयोजन किया गया। निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश पर आयोजित इस मेले में प्रमुख कंपनी हिंडालको इंडस्ट्रीज पीवीटी एलटीडी ने प्रतिभाग करते हुए अभ्यर्थियों के कैरियर काउंसिलिंग की।
रोजगार मेले में कुल 489 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 127 युवाओं का हिंडालको इंडस्ट्रीज ने प्रथम स्तर पर चयन किया। यह चयन कार्यक्रम उनके उज्जवल भविष्य के रास्ते खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस अवसर पर नोडल प्रधानाचार्य रविन्द्र पटेल, प्रधानाचार्य गोपाल प्रसाद प्लेसमेंट ऑफिसर विनोद कुमार यादव तथा पूरे आईटीआई का स्टाफ मौजूद रहा। अभ्यर्थियों ने इस आयोजन को रोजगार के अवसर मिलने का सुनहरा अवसर बताया।
प्राचार्य रविन्द्र पटेल ने कहा कि इस प्रकार के मेले निरंतर आयोजित किए जाएंगे ताकि युवाओं को बेहतर रोजगार मिल सके एवं वे अपने कौशल का उचित उपयोग कर सकें।

फ़्लोरोसिस प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल संकट, ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

कोन और दुद्धी ब्लॉक में हर घर नल योजना पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने लगाए मनमानी और लापरवाही के आरोप

कोन/दुद्धी (सोनभद्र)।विकास खंड कोन और दुद्धी अंतर्गत जल जीवन मिशन की हर घर नल योजना धरातल पर फेल होती नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार कई ग्राम पंचायतों में नल कनेक्शन का कार्य अधूरा रहने के बावजूद कागजों पर पूर्ण दिखा दिया गया है। जगह-जगह पाइपलाइन की उथली खुदाई और घटिया गुणवत्ता के कारण हल्की बरसात में ही पाइप ध्वस्त हो रही हैं।
सोन नदी में बने इंटेक वेल की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। नदी की धारा बदलने से जलस्तर नीचे चला गया है, जिससे गर्मी में जल संकट गंभीर रूप ले सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि आधार कार्ड के आधार पर नल कनेक्शन तो दिए गए, परंतु कई महीनों से नलों से एक बूंद पानी नहीं आ रहा है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कार्यदायी संस्था मरम्मत और कनेक्शन के नाम पर खानापूर्ति कर रही है। कचनरवा और कुड़वा जैसे फ्लोरोसिस प्रभावित इलाकों में योजना लोगों के लिए अभिशाप साबित हो रही है। विभाग महीने में कभी-कभार सड़क किनारे पानी छोड़ देता है, ताकि फोटो और वीडियो बनाकर काम पूरा होने का दिखावा किया जा सके।

कोन और दुद्धी ब्लॉक के कई गांवों में पाइपलाइन की खोदाई मानक के अनुरूप नहीं है। बड़ाप, बागेसोती, सिंगा, डुबवा, धौरवादामर, गोबरदाहा, डीलवाहा, शिवाखाड़ी, धीचोरवा, चांची कला, नकतवार, खरौंधी, असनाबांध और दुद्धी क्षेत्र के कई गांवों में अभी तक जल आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी है। कई जगहों पर पाइपलाइन वर्षों से बंद पड़ी है।
बड़ाप गांव के ग्रामीणों ने बताया कि टंकी के पास होने के बावजूद उनके घरों में पानी नहीं आ रहा। इसको लेकर ग्रामीण कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। लगभग छह महीनों से फ्लोरोसिस प्रभावित क्षेत्रों में जल आपूर्ति ठप है।

इसी क्रम में बिहारी प्रसाद यादव की अगुवाई में ग्राम पंचायत कचनरवा के ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए हर घर तक शुद्ध पेयजल की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि नदी-नालों का दूषित पानी पीने से लोग बीमार पड़ रहे हैं; बच्चों के दांत पीले हो रहे हैं और फ्लोरोसिस की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
ग्राम पंचायत कुड़वा में गंगा प्रसाद की अगुवाई में भी जोरदार प्रदर्शन हुआ, जिसमें दुःखी, अखिलेश, भरत, कलावती, मानवासी, देवंती देवी सहित कई ग्रामीण शामिल रहे। लोगों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल कराने और कार्यदायी संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस बाबत जल निगम के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि लोगों को नियमित पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रयास जारी हैं और अगले दिन से जल आपूर्ति शुरू करने की योजना है।

दुद्धी-विंढमगंज मार्ग पर सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत, पिकअप चालक फरार

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

दुद्धी सोनभद्र। एनएच-39 दुद्धी-विंढमगंज मार्ग पर शाहपुर जाबर गांव के पास शनिवार सुबह करीब छह बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कन्हरेश्वर महादेव मंदिर से लगभग सौ मीटर पहले पिकअप की जोरदार टक्कर से बाइक सवार विश्वनाथ यादव (44) पुत्र रामचंद्र यादव निवासी ग्राम घूमा थाना विंढमगंज की मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार मृतक विश्वनाथ यादव हिंडालको रेणुकूट में माली के पद पर कार्यरत थे जो ड्यूटी करने जा रहे थे। इसी दौरान घने कोहरे के कारण समाने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी और फरार हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए।
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, कनहर मंदिर के समीप होटल संचालक दीपक ‘जो आग ताप रहे थे’ ने बताया कि उसने टक्कर की आवाज सुनने के बाद देखा कि पीले रंग की तिरपाल से ढकी एक पिकअप विंढमगंज की ओर भाग रही थी। उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर शिनाख्त कराई। मृतक की पहचान आधार कार्ड से हुई। इसके बाद धूमा ग्राम प्रधान के माध्यम से परिजनों को सूचना दी गई।
सूत्रों के अनुसार, हादसे के बाद वही पिकअप (JH03 AK 5544) विंढमगंज थाना क्षेत्र के पोलवा गांव स्थित आदर्श इंटर कॉलेज मार्ग पर खड़ी मिली। चालक मौके से फरार था। पुलिस ने पिकअप को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश में जुट गई है।
मृतक के छोटे भाई सोमनाथ यादव ने बताया कि विश्वनाथ चार भाइयों में सबसे बड़े थे। परिवार में पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री हैं। पुत्री की शादी आगामी अप्रैल माह में तय थी। हादसे की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया।
पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम हेतु दुद्धी भेज दिया है।

भारत में गाय की हत्या पर प्रतिबन्ध लगाने का कानून बनाने की मांग को लेकर एक विशाल आन्दोलन किया था

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – विष्णु गुप्ता

७ नवम्बर १९६६ को भारत के साधु-संन्यासियों ने पूरे भारत में गाय की हत्या पर प्रतिबन्ध लगाने का कानून बनाने की मांग को लेकर एक विशाल आन्दोलन किया था।

कहते हैं कि करपात्रीजी से आशीर्वाद लेने के बाद इंदिरा गांधी ने वादा किया था कि चुनाव जीतने के बाद गाय के सारे कत्लखाने बन्द हो जाएंगे, जो अंग्रेजों के समय से चल रहे हैं। इंदिरा गांधी चुनाव जीत गईं। ऐसे में स्वामी करपात्री महाराज को लगा था कि इंदिरा गांधी मेरी बात अवश्य मानेंगी। उन्होंने एक दिन इंदिरा गांधी को याद दिलाया कि आपने वादा किया था कि संसद में गोहत्या पर आप कानून लाएंगी। लेकिन कई दिनों तक इंदिरा गांधी उनकी इस बात को टालती रहीं। ऐसे में करपात्रीजी को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

करपात्रीजी देश के मान्य सन्त थे। उनके शिष्यों अनुसार जब उनका धैर्य समाप्त हो गया तो उन्होंने कहा कि गोरक्षा तो होनी ही चाहिए। इस पर तो कानून बनना ही चाहिए। लाखों साधु-संतों ने उनके साथ कहा कि यदि सरकार गोरक्षा का कानून पारित करने का कोई ठोस आश्वासन नहीं देती है, तो हम संसद को चारों ओर से घेर लेंगे। फिर न तो कोई अंदर जा पाएगा और न बाहर आ पाएगा।

सन्तों ने 7 नवंबर 1966 को संसद भवन के सामने धरना शुरू कर दिया। इस धरने में मुख्य संतों के नाम इस प्रकार हैं- शंकराचार्य निरंजन देव तीर्थ, स्वामी करपात्रीजी महाराज और रामचन्द्र वीर। गांधीवादी बड़े नेताओं में विनोबा भावे थे। विनोबाजी का आशीर्वाद लेकर लाखों साधु-संतों ने करपात्रीजी महाराज के नेतृत्व में बहुत बड़ा जुलूस निकाला।

गोरक्षा महाभियान समिति के संचालक व सनातनी करपात्रीजी महाराज ने चांदनी चौक स्थित आर्य समाज मंदिर से अपना सत्याग्रह आरम्भ किया। करपात्रीजी महाराज के नेतृत्व में जगन्नाथपुरी, ज्योतिष पीठ व द्वारका पीठ के शंकराचार्य, वल्लभ संप्रदाय की सातों पीठों के पीठाधिपति, रामानुज संप्रदाय, माधव संप्रदाय, रामानंदाचार्य, आर्य समाज, नाथ संप्रदाय, जैन, बौद्ध व सिख समाज के प्रतिनिधि, सिखों के निहंग व हजारों की संख्या में मौजूद नागा साधुओं को पं. लक्ष्मीनारायणजी चंदन तिलक लगाकर विदा कर रहे थे। लाल किला मैदान से आरंभ होकर नई सड़क व चावड़ी बाजार से होते हुए पटेल चौक के पास से संसद भवन पहुंचने के लिए इस विशाल जुलूस ने पैदल चलना आरम्भ किया। रास्ते में अपने घरों से लोग फूलों की वर्षा कर रहे थे। हर गली फूलों का बिछौना बन गई थी।

कहते हैं कि नई दिल्ली का पूरा इलाका लोगों की भीड़ से भरा था। संसद गेट से लेकर चांदनी चौक तक सिर ही सिर दिखाई दे रहे थे। लाखों लोगों की भीड़ जुटी थी जिसमें 10 से 20 हजार तो केवल महिलाएं ही शामिल थीं। हजारों संत थे और हजारों गोरक्षक थे। सभी संसद की ओर कूच कर रहे थे।

कहते हैं कि दोपहर १ बजे जुलूस संसद भवन पर पहुँच गया और संत समाज के संबोधन का सिलसिला शुरू हुआ। करीब ३ बजे का समय होगा, जब आर्य समाज के स्वामी रामेश्वरानन्द भाषण देने के लिए खड़े हुए। स्वामी रामेश्वरानन्द ने कहा कि यह सरकार बहरी है। यह गोहत्या को रोकने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाएगी। इसे झकझोरना होगा। मैं यहां उपस्थित सभी लोगों से आह्वान करता हूं कि सभी संसद के अंदर घुस जाओ और सारे सांसदों को खींच-खींचकर बाहर ले आओ, तभी गोहत्याबन्दी कानून बन सकेगा।

कहा जाता है कि जब इंदिरा गांधी को यह सूचना मिली तो उन्होंने निहत्थे करपात्री महाराज और संतों पर गोली चलाने के आदेश दे दिए। पुलिसकर्मी पहले से ही लाठी-बंदूक के साथ तैनात थे। पुलिस ने लाठी और अश्रुगैस चलाना शुरू कर दिया। भीड़ और आक्रामक हो गई। इतने में अंदर से गोली चलाने का आदेश हुआ और पुलिस ने संतों और गोरक्षकों की भीड़ परशुरू कर दी। संसद के सामने माना जाता है कि एक नहीं, , लेकिन मृतकों का सरकारी आंकड़ा ८ का था। जबकि हकीकत में पुलिस ने 5000 लोगों को गोलियों से भून दिया था

दिल्ली में कर्फ्यू लगा दिया गया। संचार माध्यमों को सेंसर कर दिया गया और हजारों संतों को तिहाड़ की जेल में ठूंस दिया गया।

गुलजारी लाल नंदा का इस्तीफा : इस हत्याकाण्ड से क्षुब्ध होकर तत्कालीन गृहमंत्री गुलजारीलाल नन्दा ने अपना त्यागपत्र दे दिया और इस कांड के लिए खुद एवं सरकार को जिम्मेदार बताया। इधर, संत रामचन्द्र वीर अनशन पर डटे रहे, जो 166 दिनों के बाद समाप्त हुआ था। देश के इतने बड़े घटनाक्रम को किसी भी राष्ट्रीय अखबार ने छापने की हिम्मत नहीं दिखाई। यह खबर सिर्फ मासिक पत्रिका ‘आर्यावर्त’ और ‘केसरी’ में छपी थी। कुछ दिन बाद गोरखपुर से छपने वाली मासिक पत्रिका ‘कल्याण’ ने अपने गौ विशेषांक में विस्तारपूर्वक इस घटना का वर्णन किया था।

प्रभुदत्त ब्रह्मचारी, पुरी के शंकराचार्य निरंजन देव तीर्थ ने गोरक्षा के लिए प्रदर्शनकारियों पर किए गए पुलिस जुल्म के विरोध में और गोवधबंदी की मांग के लिए 20 नवंबर 1966 को पुनः अनशन प्रारम्भ कर दिया। वे गिरफ्तार किए गए। प्रभुदत्त ब्रह्मचारी का अनशन 30 जनवरी 1967 तक चला। 73वें दिन डॉ. राममनोहर लोहिया ने अनशन तुड़वाया। अगले दिन पुरी के शंकराचार्य ने भी अनशन तोड़ा। उसी समय जैन सन्त मुनि सुशील कुमार ने भी लंबा अनशन किया था।

सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। विंढमगंज बाजार क्षेत्र में इन दिनों सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कार्य तेजी से जारी है। बाजार के भीतर कई स्थलों पर पक्के मकान और दुकानों का निर्माण देखा जा रहा है, जो राज्य की भूमि पर कब्जे के तहत किए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोग मिलकर सार्वजनिक जमीन को निजी संपत्ति में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।सूत्रों के अनुसार, यह निर्माण कार्य खुले रूप में नहीं बल्कि ट्रिपाल व टीन की घेराबंदी करके गुप्त तरीके से किया जा रहा है, ताकि किसी अधिकारी या बाहरी व्यक्ति की नजर इस पर न पड़े। आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि यह सब संबंधित विभागों की जानकारी में होने के बावजूद बिना किसी रोक-टोक के चल रहा है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई सप्ताह से यह अवैध निर्माण चल रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का सवाल है कि जब सरकारी जमीन पर खुलेआम कब्जा हो रहा है, तो जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों हैं? प्रशासन की इस चुप्पी को लेकर बाजार में तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं। कुछ लोग इसे अधिकारियों की लापरवाही बता रहे हैं, तो कुछ इसे किसी दबाव या सांठगांठ का नतीजा मान रहे हैं।जानकारी के मुताबिक, जिस भूमि पर यह निर्माण हो रहा है, उसका पहले ही राजस्व विभाग और क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा मौका-मुआयना किया जा चुका है। बावजूद इसके निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई गई, जिससे आम नागरिकों में असंतोष फैलता जा रहा है। क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि यदि संबंधित विभाग ने समय रहते कदम नहीं उठाया, तो भविष्य में यह मामला बड़े विवाद का रूप ले सकता है।स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सरकारी जमीन पर हो रहे इस अवैध कब्जे की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, इंडेंटिफिकेशन कर ऐसे सभी निर्माणों को तत्काल रोका जाए ताकि भविष्य में सरकारी भूमि पर कब्जे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सके।फिलहाल, विंढमगंज बाजार में जारी यह अवैध निर्माण प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना यह होगा कि शासन कब तक इस मुद्दे पर ध्यान देता है और जमीनी स्तर पर क्या ठोस कार्रवाई की जाती है।

सात साल पुराने दुष्कर्म व आत्महत्या प्रकरण में नीरज गिरी दोषमुक्त

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। करीब साढ़े सात वर्ष पूर्व पन्नूगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म एवं आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में चले मुकदमे में आरोपी नीरज गिरी को अदालत ने दोषमुक्त करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के विरुद्ध आरोप सिद्ध करने में असफल रहा है।मामला वर्ष 2018 का है। अभियोजन के अनुसार, पीड़िता के पिता ने 28 जून 2018 को पन्नूगंज थाने में तहरीर देकर बताया था कि 24 जून को वे अपनी पत्नी व बच्चों के साथ रिश्तेदारी में शादी समारोह में गए थे। घर पर उनकी दो नाबालिग बेटियां, जिनकी उम्र क्रमशः 16 और 13 वर्ष थी, अकेली थीं। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि उसी दिन गांव के ही निवासी नीरज गिरी पुत्र संतधारी गिरी ने घर में घुसकर 16 वर्षीय बेटी से छेड़छाड़ की थी।शिकायत के मुताबिक, 26 जून को जब परिवार वापस लौटा तो घर से नीरज गिरी को बाहर निकलकर भागते देखा गया। घर आने पर बड़ी बेटी ने बताया कि आरोपी उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास कर रहा था और मुंह दबाकर डराया-धमकाया था। उसने यह भी बताया कि 24 जून को भी आरोपी ने उससे जबरदस्ती करने की कोशिश की थी। इस घटना से आहत होकर 27 जून को लड़की ने घर में रखी कीटनाशक दवा खा ली, जिससे उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। परिवार द्वारा 28 जून को थाने में तहरीर दी गई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, घर में घुसपैठ, आत्महत्या के लिए उकसाने तथा पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करते हुए चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की थी।मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाहों के बयान अदालत में प्रस्तुत किए। हालांकि, न्यायालय ने सभी साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद पाया कि घटनाक्रम की पुष्टि के लिए पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। साक्ष्य के अभाव में अदालत ने आरोपी नीरज गिरी (30) वर्ष निवासी परसिया, थाना पन्नूगंज जिला सोनभद्र को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।फैसले के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता धर्मेंद्र दुबे ने तर्क रखते हुए कहा कि पूरा मामला संदेहास्पद परिस्थितियों पर आधारित था और अभियोजन कोई प्रत्यक्ष या ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। अदालत ने इसी आधार पर आरोपी को बरी कर दिया।

अरझट गांव में सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ के व्यक्ति की दर्दनाक मौत

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। बभनी थाना क्षेत्र के अरझट गांव में गुरुवार की रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के एक व्यक्ति की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक की बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने गड्ढे में जा गिरी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद वह पूरी रात गड्ढे में बेसुध अवस्था में पड़ा रहा, सुबह उसकी मौत हो गई।घटना अरझट गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के पास की है। मृतक की पहचान शिव शंकर देवांगन (42 वर्ष) पुत्र जगधारी देवांगन निवासी ग्राम खोड, थाना रमकोला, जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़) के रूप में की गई है। बताया गया कि शिव शंकर अपने छोटे भाई अनिल कुमार के घर खैरटिया टोला तेलजर जा रहा था। रास्ते में पहुंचे अरझट गांव के समीप उसकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे बने गड्ढे में गिर गई। हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं, जिससे वह घटनास्थल पर ही बेसुध पड़ा रहा।शुक्रवार की सुबह जब राहगीरों ने उसे गड्ढे में पड़ा देखा तो तत्काल स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बभनी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया।पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और शव देखकर फूट-फूट कर रोने लगे। परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है तथा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ है, वहां सड़क के किनारे गड्ढा काफी गहरा है और रात में सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं रहती, जिससे अक्सर वाहन चालकों को परेशानी होती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की मरम्मत और वहां स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कराने की मांग की है।

सोनभद्र पुलिस को मिली 16 नई स्कॉर्पियो गाड़ियां आधुनिक उपकरणों से लैस वाहनों से बढ़ेगी आपात प्रतिक्रिया क्षमता

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। जिले में पुलिस की कार्यक्षमता और आपात सेवाओं की गति को और तेज करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। पुलिस विभाग को डायल-112 सेवा के लिए 16 नई स्कॉर्पियो गाड़ियां मिली हैं। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक वर्मा ने पुलिस लाइन चुर्क से इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।ये सभी स्कॉर्पियो गाड़ियां अत्याधुनिक संचार उपकरणों, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, हाई-साउंड पब्लिक एड्रेस यूनिट, फर्स्ट-रेस्पॉन्स किट और आपात सेवा से जुड़ी संसाधनों से पूरी तरह सुसज्जित हैं। इन नए वाहनों के शामिल होने से जिले की डायल-112 सेवा की कवरेज और गतिशीलता में उल्लेखनीय विस्तार होने जा रहा है। वाहनों को जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस तुरंत पहुंच सके।एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि ये वाहन पुलिस की प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाएंगे। उन्होंने कहा अत्याधुनिक संसाधनों से लैस इन वाहनों के माध्यम से कानून-व्यवस्था और जनसेवा दोनों को और मजबूत किया जाएगा। नागरिकों को दुर्घटना, विवाद, महिला सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और अन्य आपात स्थितियों में तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद सहायता मिलेगी एसपी ने यह भी कहा कि जिले में गश्त रूट डोमिनेशन और निगरानी के दौरान इन वाहनों का उपयोग रणनीतिक रूप से किया जाएगा ताकि अपराधों की रोकथाम में तेजी लाई जा सके। वहीं, स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना की है। लोगों का कहना है कि आधुनिक वाहनों की मदद से डायल-112 की टीम अब और अधिक तत्परता से घटनास्थल पर पहुंचेगी, जिससे पुलिस पर जनता का भरोसा और मजबूत होगा।पुलिस विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन 16 वाहनों के साथ जिले में आपातकालीन सेवा की औसत प्रतिक्रिया अवधि कम होगी, जिससे अपराधी गतिविधियों पर अंकुश लगाने और पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में बड़ी सहायता मिलेगी।

ओबरा पुलिस के अथक प्रयास से बिल्ली मारकुण्डी खदान त्रासदी के वांछित चार अभियुक्त गिरफ्तार

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र, 21 नवम्बर। जनपद सोनभद्र के थाना ओबरा पुलिस ने बिल्ली मारकुण्डी स्थित खदान हादसे से जुड़े चार वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह वही मामला है जिसने क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था।हादसे का विवरणदिनांक 15 नवम्बर 2025 को ओबरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिल्ली मारकुण्डी में स्थित मेसर्स कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में कार्यरत मजदूरों पर पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक खिसक गया। इस भयावह हादसे में सात मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य मजदूरों को चोटें आईं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और खदान में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे।इस हादसे के बाद थाना ओबरा में मु.अ.सं. 264/2025, धारा 105 बीएनएस के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर जांच की शुरुआत की गई। पुलिस ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्यों को एकत्र किया।पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और रेस्क्यू ऑपरेशनघटना की सूचना मिलते ही थाना ओबरा पुलिस, फायर सर्विस, स्थानीय प्रशासन तथा आसपास थानों की पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू किया। पहाड़ी का हिस्सा खिसक जाने से स्थल अत्यंत अस्थिर और खतरनाक अवस्था में था, बावजूद इसके पुलिस और राहत बलों ने जोखिम उठाते हुए फंसे हुए मजदूरों को निकालने का कार्य किया।एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने आधुनिक उपकरणों की मदद से कई घंटों तक ऑपरेशन चलाया। जिला प्रशासन द्वारा सतत निगरानी में चलाए गए इस रेस्क्यू अभियान ने कई मजदूरों के शवों को बाहर निकाला और क्षेत्र को सुरक्षित किया।विवेचना और गिरफ्तारी की कार्रवाईगंभीर हादसे के बाद ओबरा पुलिस ने मामले की विवेचना को प्राथमिकता दी। जांच में सामने आया कि खदान संचालन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई थी। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने साक्ष्य संकलन किया और चार मुख्य अभियुक्तों की पहचान की।प्रभारी निरीक्षक ओबरा के नेतृत्व में गठित टीम ने अथक प्रयास कर 04 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें शामिल हैं –अनिल कुमार झा (55 वर्ष), निवासी इब्राहिमपुर, थाना बहेरा, जनपद दरभंगा (बिहार)अजय कुमार (44 वर्ष), निवासी खुशी निवास बिल्ली पोखरा, थाना ओबरा, सोनभद्रगौरव सिंह (32 वर्ष), निवासी बीआईपी रोड, थाना ओबरा, सोनभद्रचन्द्र शेखर सिंह (46 वर्ष), निवासी अग्रवाल नगर, वार्ड नं. 18, थाना ओबरा, सोनभद्रगिरफ्तार सभी अभियुक्तों को विधिक प्रक्रिया पूर्ण कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है, जहां से आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।पुलिस प्रशासन का रुखपुलिस प्रशासन का कहना है कि जनसुरक्षा, कानून व्यवस्था और मानव जीवन की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही, अवैध खनन या सुरक्षा मानकों को लेकर की गई अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित सभी व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में खनन क्षेत्र के संचालन और नियामक प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की त्रासदियों से बचा जा सके।बिल्ली मारकुण्डी घटना ने सुरक्षा उपायों और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में प्रशासनिक सतर्कता को नई दिशा दी है। सोनभद्र पुलिस ने यह संदेश दिया है कि मानव जीवन की कीमत पर किसी भी स्तर की लापरवाही अब नहीं चलेगी

गैस एजेंसी जाने के दौरान बाइक हादसे में महिला घायल

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

दुद्धी सोनभद्र। विंढमगंज थाना क्षेत्र के हुमेलदोहर गांव की एक महिला शुक्रवार अपराह्न सड़क हादसे में घायल हो गई।
जानकारी के अनुसार हुमेलदोहर निवासी अनार देवी (32) पत्नी रमेश , गैस कनेक्शन संबंधी कार्य के लिए पड़ोसी दंपति के साथ बाइक से गैस एजेंसी जा रही थीं कि चढ़ाई पर अचानक बाइक अनियंत्रित होकर गिर पड़ी, जिससे तीनों सवार नीचे गिर गए।
अनार देवी ने बताया कि गिरने के दौरान उनकी देवरानी उन्हीं के ऊपर आ गई, जिससे उनके दाहिने हाथ में गंभीर चोट लग गई। हादसे की सूचना पर पहुंची एंबुलेंस की सहायता से घायल अनार देवी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी ले जाया गया। जहां उनका उपचार किया जा रहा है।

टेढ़ा गांव में खेत जोतने को लेकर मारपीट, तीन महिलाएं घायल

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

दुद्धी सोनभद्र। टेढ़ा गांव में शुक्रवार की सुबह खेत जोतने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। आरोप है कि विपक्षी पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडे से मारपीट कर तीन महिलाओं को घायल कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम टेढ़ा निवासी पानबसी देवी (61)पत्नी त्रिलोकनाथ ने कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे विपक्षीगण महावीर पुत्र घमड़ी, विकास पुत्र महावीर, दिलीप पुत्र महावीर, अन्नी देवी पत्नी महावीर और रामलखन पुत्र रामचरितर जबरन उसकी भूमिधरी भूमि जोतने लगे। जब उसने विरोध किया तो सभी ने मिलकर लाठी-डंडे से हमला कर दिया।
मारपीट में पानबसी देवी के सिर व शरीर पर चोटें आईं। शोर सुनकर बीच-बचाव को पहुंचीं उनकी बहू श्यामपति (32 )पत्नी संतोष और मंगरी देवी (52)पत्नी असर्फी को भी मामूली चोटें आईं। ग्रामीणों के हस्तक्षेप से मामला किसी तरह शांत हुआ।
घायल महिलाओं को पुलिस सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, जहां प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को छुट्टी दे दी गई। पानबसी देवी एवं श्यामपति ने संयुक्त रूप से बताया कि कोतवाली पुलिस ने प्रार्थना पत्र कल देने के लिए कहा है।

आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ।

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज –

केतार से प्रदीप चन्द्रवंशी की रिपोर्ट –

केतार प्रखंड के बलिगढ़ पंचायत में आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार, प्रमुख, उप प्रमुख शंभू सिंह खरवार, झामुम प्रखंड अध्यक्ष लालेश्वर राम, झामुम नेता कामेश्वर सिंह, मुखिया ललिता देवी, विधायक प्रतिनिधि सुरेश कुमार प्रसाद, जिला परिषद सदस्य ज्वाला प्रसाद ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। तत्पश्चात सभी विभाग के कर्मी को अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया। सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में विभिन्न विभाग के सभी आवेदनों को ऑनलाइन कर संबंधित विभाग को निष्पादन के लिए दिया गया। कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के सभी स्टाल लगे पदाधिकारी को बारी-बारी से निरीक्षण करते हुए संबोधित कर सभी को त्वरित समाधान करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और शिकायतों को सुनकर समाधान करना है सरकार सभी क्षेत्र के विकास के लिए काफी संवेदनशील है यही कारण है कि प्रखंड के सभी विभाग के कर्मी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में उपस्थित हुए। विधायक प्रतिनिधि सुरेश प्रसाद ने कहा कि इस शिविर में मईया सम्मान योजना, विधवा, वृद्धा पेंशन, जाति प्रमाण पत्र, स्थानीय निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, नया राशन कार्ड, दाखिल खारिज, भूमि की मापी, भूमी धारण प्रमाण पत्र एवं आवास संबंधित का निष्पादन किया जाएगा। उन्होंने कहा की सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है प्रखंड क्षेत्र के अंतिम छोर तक के व्यक्तियों तक योजना पहुंचाना, ताकि वे इन सब योजनाओं का लाभ ले सके।

भारत विभिन्न “राज्यों का समूह” नहीं है, बल्कि भारत एक राष्ट्र है

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज –

सुप्रीम कोर्ट ने माननीय राष्ट्रपति द्वारा मांगे गए रिफरेन्स पर अपनी गलती स्वीकार करते हुए लैंडमार्क जजमेंट दिया है। तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पास किए गए एक बिल को राष्ट्रपति की मंज़ूरी के इंतज़ार में काफ़ी समय तक लटकाकर रखा गया था जिसके बाद तमिलनाडु सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुँच गई। सुप्रीम कोर्ट के बड़बोले जज जस्टिस पारडीवाला की अगुआई वाले बेंच ने निर्णय दिया कि यदि राष्ट्रपति किसी क़ानून को विचार के लिए अपने पास अधिक समय तक रखते हैं तो वह तीन महीने पश्चात अपने आप प्रभाव में आ जाएगा और इसके लिए राष्ट्रपति के सहमति की “आवश्यक आवश्यकता” को हटा दिया था।
मैंने इस विषय में पहले भी लिखा था सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति को को न तो आदेशित किया जा सकता है और न ही राष्ट्रपति के कार्य को अदालत द्वारा छीना जा सकता है। आज सुप्रीम कोर्ट के संवैधानिक बेंच ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि
“हमें यह स्वीकारने में हरगिज़ संकोच नहीं है कि न्यायालय द्वारा आदेश देकर राष्ट्रपति को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों को छीनना, वस्तुतः न्यायपालिका का कार्यपालिका के कार्यों को न केवल छीनना भर है बल्कि न्यायपालिका को कार्यपालिका से स्थानांतरित कर देना भी है। न्यायिक घोषणा के माध्यम से कार्यपालिका के कार्यों पर क़ब्ज़ा करना हमारे लिखित संविधान के मर्यादा के अनुरूप बिल्कुल भी नहीं है।”

इस पर चर्चा करते हुए मैंने पूर्व में भी लिखा था कि भारत विभिन्न “राज्यों का समूह” नहीं है, बल्कि भारत एक राष्ट्र है जिसमें व्यवस्था की सुलभता के लिए विभिन्न राज्य निर्मित किए गए हैं। कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिघवी समेत तमाम विपक्षी वकील जो दलील दे रहे थे, वह अमेरिका जैसे राष्ट्रों के लिए लागू हो सकता है जो मूलतः राज्य से राष्ट्र बने हैं। वहाँ राज्य मूल हैं और व्यवस्था की दृष्टि से राष्ट्र की स्थापना की गई है।
बड़बोले जज पारडीवाला पिछले कई मौकों की तरह इस मायके पर भी सुप्रीम कोर्ट के अपमान का कारण बने हैं। इस निर्णय ने राज्य और राष्ट्र के शक्तियों को स्पष्ट रूप से बता दिया है। कई लोगों का यहीं प्रश्न था कि आखिरकार राज्य द्वारा चुने गए विधानमण्डल द्वारा पारित आदेश को कानून बनाने से रोकने वाला राष्ट्रपति कौन होता है? उनके लिए उत्तर स्पष्ट है कि राष्ट्रपति ही संविधान का संरक्षक है, वही देश की संपूर्ण जनता की इच्छा का मालिक है। यदि वह अपने देश के किसी हिस्से में बनने वाले कानून को नहीं बनाना चाहता, रोकना चाहता है, दबाकर बैठना चाहता है, तो राज्य का विधान मंडल अथवा न्यायपालिका किसी भी कीमत पर उसे न तो आदेश दे सकती हैं और न ही उससे रिपोर्ट ले सकती हैं। मूलतः यह आदेश उन वामपंथी जमात के गाल पर भी जोरदार थप्पड़ है जो भारत को राष्ट्र के बजाय मूलतः राज्यों का समूह स्वीकार करते हैं।
Bhupendra Singh

एक विस्मृत विप्लवी बटुकेश्वर दत्त की दर्दनाक कहानी, जिन्हें आजाद भारत में न नौकरी मिली न ईलाज!

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – विष्णु गुप्ता

ऐसे महान क्रांतिकारी हैं जिनके प्रशंसक शहीद-ए-आजम भगत सिंह भी थे. तभी तो उन्होंने लाहौर सेंट्रल जेल में दत्त का ऑटोग्राफ लिया था. लेकिन आजाद भारत की सरकारों को दत्त की कोई परवाह नहीं थी. इसका जीता जागता उदाहरण उनका जीवन संघर्ष है. देश की आजादी के लिए करीब 15 साल तक सलाखों के पीछे गुजारने वाले बटुकेश्वर दत्त को आजाद भारत (India) में नौकरी के लिए भटकना पड़ा. उन्हें कभी सिगरेट कंपनी का एजेंट बनना पड़ा तो कभी टूरिस्ट गाइड बनकर पटना की सड़कों पर घूमना पड़ा. जिस आजाद भारत में उन्हें सिर आंखों पर बैठाना चाहिए था उसमें उनकी घोर उपेक्षा हुई.

‘गुमनाम नायकों की गौरवशाली गाथाएं’ नामक अपनी किताब में विष्णु शर्मा ने दत्त के बारे में विस्तार से लिखा है. उनके मुताबिक दत्त के दोस्त चमनलाल आजाद ने एक लेख में लिखा, ‘क्या दत्त जैसे कांतिकारी को भारत में जन्म लेना चाहिए, परमात्मा ने इतने महान शूरवीर को हमारे देश में जन्म देकर भारी भूल की है. खेद की बात है कि जिस व्यक्ति ने देश को स्वतंत्र कराने के लिए प्राणों की बाजी लगा दी और जो फांसी से बाल-बाल बच गया, वह आज नितांत दयनीय स्थिति में अस्पताल में पड़ा एड़ियां रगड़ रहा है और उसे कोई पूछने वाला नहीं है.’

बटुकेश्वर दत्‍त, बर्धमान (बंगाल) से 22 किलोमीटर दूर 18 नवंबर 1910 को औरी नामक एक गांव में पैदा हुए थे. हाईस्कूल की पढ़ाई के लिए वो कानपुर आए और वहां उनकी मुलाकात चंद्रशेखर आजाद से हुई. वह 1928 में गठित हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी के सदस्य बने. यहीं पर उनकी भगत सिंह से मुलाकात हुई. उन्होंने बम बनाना सीखा. दोनों क्रांतिकारियों में दोस्ती कितनी गहरी थी इसकी एक मिसाल हुसैनीवाला में देखने को मिलती है.

तत्कालीन बिहार सरकार ने नहीं दिया ईलाज पर ध्यान

1964 में बटुकेश्वर दत्त बीमार पड़े. पटना के सरकारी अस्पताल में उन्हें कोई पूछने वाला नहीं था. जानकारी मिलने पर पंजाब सरकार ने बिहार सरकार को एक हजार रुपए का चेक भेजकर वहां के मुख्यमंत्री केबी सहाय को लिखा कि यदि पटना में बटुकेश्वर दत्त का ईलाज नहीं हो सकता तो राज्य सरकार दिल्ली या चंडीगढ़ में उनके इलाज का खर्च उठाने को तैयार है. इस पर बिहार सरकार हरकत में आई. दत्त का इलाज शुरू किया गया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. 22 नवंबर 1964 को उन्हें दिल्ली (Delhi) लाया गया. यहां पहुंचने पर उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था जिस दिल्ली में उन्होंने बम फोड़ा था वहीं वे एक अपाहिज की तरह स्ट्रेचर पर लाए जाएंगे.

दोस्ती की ऐसी मिसाल कहां मिलेगी?

बटुकेश्वर दत्त को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया गया. बाद में पता चला कि उनको कैंसर है और उनकी जिंदगी के कुछ ही दिन बाकी हैं. कुछ समय बाद पंजाब के मुख्यमंत्री रामकिशन उनसे मिलने पहुंचे. छलछलाती आंखों के साथ बटुकेश्वर दत्त ने मुख्यमंत्री से कहा, ‘मेरी यही अंतिम इच्छा है कि मेरा दाह संस्कार मेरे मित्र भगत सिंह की समाधि के बगल में किया जाए.’ 20 जुलाई 1965 की रात एक बजकर 50 मिनट पर वो यह दुनिया छोड़ चुके थे. बटुकेश्वर दत्त की अंतिम इच्छा को सम्मान देते हुए उनका अंतिम संस्कार भारत-पाक सीमा के करीब हुसैनीवाला में भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव की समाधि के पास किया गया.

भगत सिंह ने लिया था ऑटोग्राफ

भगत सिंह स्‍वतंत्रता सेनानी बटुकेश्‍वर दत्‍त के प्रशंसक थे. इसका एक सबूत उनकी जेल डायरी में है. उन्‍होंने बटुकेश्‍वर दत्‍त का एक ऑटोग्राफ लिया था. बटुकेश्‍वर और भगत सिंह लाहौर सेंट्रल जेल में कैद थे. बटुकेश्‍वर के लाहौर जेल से दूसरी जगह शिफ्ट होने के चार दिन पहले भगत सिंह जेल के सेल नंबर 137 में उनसे मिलने गए थे. यह तारीख थी 12 जुलाई 1930. इसी दिन उन्‍होंने अपनी डायरी के पेज नंबर 65 और 67 पर उनका ऑटोग्राफ लिया. डायरी की मूल प्रति भगत सिंह के वंशज यादवेंद्र सिंह संधू के पास है. शहीद भगत सिंह ब्रिगेड के अध्‍यक्ष और उनके प्रपौत्र संधू ने बताया कि शहीद-ए-आजम बटुकेश्‍वर दत्‍त को अपना सबसे खास दोस्‍त मानते थे. यह ऑटोग्राफ भगत सिंह का उनके प्रति सम्‍मान था. शायद दोनों ने भांप लिया था कि अब उनकी मुलाकात नहीं होगी. इसलिए यह निशानी ले ली.

कालापानी की सजा हुई थी

ब्रिटिश पार्लियामेंट (British Parliament) में पब्लिक सेफ्टी बिल और ट्रेड डिस्प्यूट बिल लाया गया. मकसद था स्वतंत्रता सेनानियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस को ज्यादा अधिकार संपन्न करने का. दत्त और भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु इसका विरोध करना चाहते थे. दत्‍त ने 8 अप्रैल 1929 को भगत सिंह के साथ मिलकर सेंट्रल असेंबली में दो बम फोड़े और गिरफ्तारी दी. बटुकेश्‍वर ही सेंट्रल असेंबली में बम ले गए थे. यादवेंद्र संधू कहते हैं कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु पर बम फेंकने के अलावा सांडर्स की हत्या का इल्जाम भी था. इसलिए उन्हें फांसी की सजा सुना दी गई. जबकि बटुकेश्वर को काला पानी की सजा हुई. उन्हें अंडमान की कुख्यात सेल्युलर जेल भेजा गया. उन्‍होंने कालापानी की जेल के अंदर भूख हड़ताल की.

वहां से 1937 में वे बांकीपुर सेंट्रल जेल, पटना लाए गए. 1938 में वो रिहा हो गए. फिर वे महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में कूद पड़े. इसलिए दत्त को दोबारा गिरफ्तार किया गया. चार साल बाद 1945 में वे रिहा हुए. 1947 में देश आजाद हो गया. उस वक्त वो पटना में रह रहे थे.

यहां उन्हें गुजर-बसर करने के लिए सिगरेट कंपनी का एजेंट बनना पड़ा. टूरिस्ट गाइड की नौकरी करनी पड़ी. उनकी पत्नी अंजली को एक निजी स्कूल में पढ़ाना पड़ा. पूरे सरकारी सिस्टम उनका कोई सहयोग नहीं किया. दत्त ने पटना में बस परमिट के लिए अप्लीकेशन दी. वहां कमिश्नर ने उनसे स्वतंत्रता सेनानी होने का सबूत मांगकर तिरस्कार किया.

फांसी न होने से निराश थे दत्त

भगत सिंह के साथ फांसी न होने से बटुकेश्‍वर दत्त निराश हुए थे. वह वतन के लिए शहीद होना चाहते थे. उन्होंने भगत सिंह तक यह बात पहुंचाई. तब भगत सिंह ने उनको पत्र लिखा कि “वे दुनिया को ये दिखाएं कि क्रांतिकारी अपने आदर्शों के लिए मर ही नहीं सकते, बल्कि जीवित रहकर जेलों की अंधेरी कोठरियों में हर तरह का अत्याचार भी सह सकते हैं.” भगत सिंह की मां विद्यावती का भी बटुकेश्वर पर बहुत प्रभाव था, जो भगत सिंह के जाने के बाद उन्हें बेटा मानती थीं. बटुकेश्‍वर लगातार उनसे मिलते रहते थे.

तीन तलाक का मामला, महिला की शिकायत पर पति समेत आठ पर एफआईआर

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में एक महिला को तीन तलाक देकर घर से निकालने और दहेज के लिए प्रताड़ित करने के मामले में पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है और महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर प्रश्न उठ खड़े किए हैं।महिला पुलिस थाना सोनभद्र में यह मामला बुधवार देर शाम दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि अनपरा थाना क्षेत्र की एनपीसीसी कॉलोनी निवासी आयशा परवीन ने 12 नवंबर को शिकायत दी थी कि उसकी शादी 14 जुलाई 2022 को अनपरा निवासी फैसल अहमद के साथ हुई थी।आयशा के अनुसार, शादी के समय उसकी मां ने उसे साढ़े तीन लाख रुपये नकद और गहनों के रूप में दहेज दिया था, बावजूद इसके उसका पति फैसल अहमद, सास सलमा बेगम, देवर साकिब और परिवार के अन्य सदस्य उस पर अधिक दहेज की मांग को लेकर अत्याचार करते रहे। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसका देवर साकिब उस पर बुरी नजर रखता था और विरोध करने पर पूरे परिवार ने उसके साथ मारपीट की।आयशा परवीन ने बताया कि कुछ दिन बाद उसके पति ने उसे “तीन तलाक” देकर घर से निकाल दिया। तब से वह अपनी मां के घर बलिया में रह रही है। इस बीच, उसे यह जानकारी मिली कि उसका पति फैसल अहमद ने दूसरी शादी भी कर ली है। आयशा ने दुद्धी क्षेत्र के एक व्यक्ति पर दूसरी शादी करवाने का आरोप लगाते हुए उसे भी नामजद किया है।एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि आयशा की तहरीर पर पुलिस ने पति फैसल अहमद, सास सलमा बेगम, देवर साकिब, ननद सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि पीड़िता को हरसंभव न्याय दिलाने के लिए मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

सशक्त नारी – सशक्त समाज” अभियान के तहत दो दिवसीय बाल अधिकार जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

कोन (सोनभद्र)। बाल अधिकार सप्ताह के अवसर पर उत्तर प्रदेश कॉरपोरेशन फॉर एम्पावर गर्ल्स (UPCEG) एवं साथिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में “सशक्त नारी – सशक्त समाज” अभियान के अंतर्गत कृषक समाज इंटर कॉलेज में दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 19 और 20 नवंबर को आयोजित हुआ, जिसमें लगभग 150 बच्चों, पाँच शिक्षकों तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं अन्य स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल युग में सजगता के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने बताया कि बाल अधिकार केवल कानूनी परिभाषा नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी हैं। बच्चों को सुरक्षित वातावरण देना, समान अवसर प्रदान करना और उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित करना हम सबका कर्तव्य है। वक्ताओं ने कहा कि बच्चे समाज के भविष्य निर्माता हैं, इसलिए उनके अधिकारों की रक्षा करना राष्ट्र निर्माण का आधार है।डिजिटल साथी फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष वेद ओझा ने अपने संबोधन में कहा कि आज के बच्चे समझदार हैं, उन्हें बस सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है। जरूरत है कि बच्चों को अधिकारों की जानकारी के साथ कर्तव्यों का भी बोध कराया जाए। उन्होंने आत्मरक्षा, लैंगिक समानता, मानसिक स्वास्थ्य, नेतृत्व क्षमता और आर्थिक सशक्तिकरण जैसे विषयों पर बच्चों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जब बच्चा खुद को सुरक्षित महसूस करता है, तब उसके आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, जिससे वह अपनी बातें निडर होकर व्यक्त कर पाता है।कार्यक्रम के दौरान संस्थाओं से जुड़ी कार्यकर्ता काजल ने बच्चियों के बीच जाकर उनके प्रश्नों का उत्तर दिया और उन्हें खुलकर अपने विचार प्रकट करने के लिए प्रोत्साहित किया।विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री संदीप चौबे ने कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल बच्चों में जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि यह उनकी शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के प्रति समाज को जिम्मेदार बनाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें सशक्त बनाना हर नागरिक का नैतिक दायित्व है।बच्चों की प्रतिक्रियाएँकार्यक्रम में शामिल छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए।कक्षा 8 की छात्रा अंचल ने कहा कि “ऐसी कार्यशालाएँ हमें पुरानी रूढ़ियों और भेद भावपूर्ण परंपराओं के खिलाफ आवाज उठाने की शक्ति देती हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देती हैं।”छात्रा सृष्टि ने कहा, “शादी की कानूनी उम्र 18 वर्ष है, लेकिन बच्चों के अधिकारों की जानकारी न होने से कभी-कभी हम स्वयं या दूसरों के भविष्य को खतरे में डाल देते हैं।”वहीं, छात्रा नेहा ने कहा, “लड़कियाँ और लड़के दोनों समान हैं और उनके अधिकार भी समान हैं। यह बात हर व्यक्ति को समझनी चाहिए।”छह माह तक चलेगा राज्य व्यापी अभियान यह कार्यक्रम UPCEG के छह माह लंबे राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य 20,500 से अधिक किशोरियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करना है। इसी अभियान के तहत अक्टूबर में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर भी विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। यह पहल मार्च 2026 तक, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस तक, जारी रहेगी।मिलान बी द चेंज संस्था पिछले 18 वर्षों से वंचित समुदायों की किशोरियों के सशक्ति करण, शिक्षा, नेतृत्व और कौशल विकास पर कार्य कर रही है। संस्था का उद्देश्य स्थायी सामाजिक बदलाव लाना है ताकि किशोरियाँ सुरक्षित और सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें।कार्यक्रम के अंत में आयोजकगणों ने कहा कि आने वाले समय में भी बच्चों के अधिकार, सुरक्षा और जागरूकता पर आधारित ऐसे शिक्षाप्रद कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर बच्चा सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर नागरिक बन सके।